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मरुगंगा लूणी उफान पर, बाड़मेर से कटा सम्पर्क
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 31 Jul 2017 08:02 PM IST
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रामदेवरा में भरा पानी
- फोटो : amar ujala
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बारिश के बाद मरुगंगा लूणी भी उफान पर है। इसके कारण बाड़मेर का सम्पर्क कट गया है। रेल पटरियों पर पानी भरा होने से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
बाड़मेर में भारी बारिश का दौर थम गया है, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अभी ज्यादातर जगह उतरा नहीं है। इसके चलते बाढ़ के हालात अभी भी बने हुए हैं। रेल यातायात प्रभावित होने से बाड़मेर का सम्पर्क कट गया है। बालोतरा-तिलवाड़ा के बीच पटरियों के ऊपर से बह रहे पानी के कारण इस रेल खंड पर रेल सेवा प्रभावित है। रेलवे ने कालका एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है। जल भराव के कारण मालाणी एक्सप्रेस को समदड़ी में ही रद्द कर दिया गया है।
बालोतरा में लूणी नदी का बहाव कल चार फीट बढ़ गया था। सिणधरी में भी नदी बारह फीट के उफान पर है। इससे बालोतरा, सिणधरी, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना क्षेत्र के तीस से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी वहां कैम्प कर रहे है।
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बाड़मेर में भारी बारिश का दौर थम गया है, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अभी ज्यादातर जगह उतरा नहीं है। इसके चलते बाढ़ के हालात अभी भी बने हुए हैं। रेल यातायात प्रभावित होने से बाड़मेर का सम्पर्क कट गया है। बालोतरा-तिलवाड़ा के बीच पटरियों के ऊपर से बह रहे पानी के कारण इस रेल खंड पर रेल सेवा प्रभावित है। रेलवे ने कालका एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है। जल भराव के कारण मालाणी एक्सप्रेस को समदड़ी में ही रद्द कर दिया गया है।
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बालोतरा में लूणी नदी का बहाव कल चार फीट बढ़ गया था। सिणधरी में भी नदी बारह फीट के उफान पर है। इससे बालोतरा, सिणधरी, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना क्षेत्र के तीस से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी वहां कैम्प कर रहे है।
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यहां चार दिन से है बत्ती गुल
जैसलमेर में भी बारिश के कारण हालात बिगड़े है। वहां विद्युत पोल गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह गड़बड़ा गई है। यहां करीब 40 गांव और 300 ढाणियां अंधेरे में डूबी हुई हैं। यहां सर्वाधिक नुकसान फतेहगढ़ उपखण्ड व पोकरण क्षेत्र में हुआ है। फतेहगढ़ उपखण्ड के रामा, कपूरिया, ख्याला गांवों में पिछले चार दिनों से बत्ती गुल है।