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32 साल से पाकिस्तान बॉर्डर की ओर उम्मीद से देख रही है लक्ष्मी

Fri, 08 Sep 2017 03:47 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 08 Sep 2017 03:47 PM IST
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Now laxmi getting hopeful from minister tweet
लक्ष्मी

हाथ में पति की फोटो और होठों पर उनकी सलामती की दुआ। यह राजस्थान के बॉर्डर जिले बाड़मेर में रहने वाली लक्ष्मी की दिनचर्या में शामिल हो गया। मन में आशा कि किरण दबाए लक्ष्मी बीते 32 वर्षों से अपने पति का इंतजार कर रही है। लक्ष्मी के पति भगु सिंह बीते तीन दशक से भी अधिक समय से पाकिस्तान की जेल में बंद है।

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लक्ष्मी बताती है कि वर्ष 1985 में उनके पति गलती से बॉर्डर को पार कर पाकिस्तान में चले गए थे। उस दौरान बॉर्डर पर फेसिंग नहीं होती थी। यह जानकारी वर्ष 1991 में निकलकर सामने आयी है जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सर्वे किया।
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इसमें यह सामने आया कि बॉर्डर के नजदीक ऐसे कई परिवार है जिनके अपने सरहद पार पाकिस्तान की जेलों में बंद है। लक्ष्मी भी उन्हीं परिवारों में से एक है।

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जब बिछड़ी तब महज 18 बरस की थी लक्ष्मी

Now laxmi getting hopeful from minister tweet
मंत्री वीके सिंह

लक्ष्मी जब अपने पति से बिछड़ी तब उसकी उम्र महज 18 वर्ष थी। तीन बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी और दिल में पति से बिछड़ने की कसक के साथ लक्ष्मी ने उम्मीद का दिया जलाए रखा है।


उम्मीदों को बल तब मिला जब इस मामले की जानकारी केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह को देने के बाद उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है। वीके सिंह ने ट्वीट कर कहा कि वह इस मामले की पूरी जानकारी पाक में भारतीय उच्चायुक्त से लेंगे। लक्ष्मी को उम्मीद है कि अब शायद वह अपने पति से मिल सकेंगी।

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