32 साल से पाकिस्तान बॉर्डर की ओर उम्मीद से देख रही है लक्ष्मी
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हाथ में पति की फोटो और होठों पर उनकी सलामती की दुआ। यह राजस्थान के बॉर्डर जिले बाड़मेर में रहने वाली लक्ष्मी की दिनचर्या में शामिल हो गया। मन में आशा कि किरण दबाए लक्ष्मी बीते 32 वर्षों से अपने पति का इंतजार कर रही है। लक्ष्मी के पति भगु सिंह बीते तीन दशक से भी अधिक समय से पाकिस्तान की जेल में बंद है।
लक्ष्मी बताती है कि वर्ष 1985 में उनके पति गलती से बॉर्डर को पार कर पाकिस्तान में चले गए थे। उस दौरान बॉर्डर पर फेसिंग नहीं होती थी। यह जानकारी वर्ष 1991 में निकलकर सामने आयी है जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सर्वे किया।
इसमें यह सामने आया कि बॉर्डर के नजदीक ऐसे कई परिवार है जिनके अपने सरहद पार पाकिस्तान की जेलों में बंद है। लक्ष्मी भी उन्हीं परिवारों में से एक है।
जब बिछड़ी तब महज 18 बरस की थी लक्ष्मी
लक्ष्मी जब अपने पति से बिछड़ी तब उसकी उम्र महज 18 वर्ष थी। तीन बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी और दिल में पति से बिछड़ने की कसक के साथ लक्ष्मी ने उम्मीद का दिया जलाए रखा है।
उम्मीदों को बल तब मिला जब इस मामले की जानकारी केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह को देने के बाद उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है। वीके सिंह ने ट्वीट कर कहा कि वह इस मामले की पूरी जानकारी पाक में भारतीय उच्चायुक्त से लेंगे। लक्ष्मी को उम्मीद है कि अब शायद वह अपने पति से मिल सकेंगी।