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ये तीन जोड़े पहुंचे थे तलाक लेने और फिर...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 09 Apr 2017 04:48 PM IST
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- फोटो : Internet
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सीकर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक का आयोजन हुआ जिसमें 457 अलग अलग मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में तलाक लेने पहुंचे तीन जोड़ों का कोर्ट ने तलाक रोक दिया।पहले मामले में सीकर के धोद निवासी बनवारी लाल और राधाकिशनपुरा की सुनीता देवी की शादी 2012 में हुई थी।
शादी के बाद से ही दो मियां बीवी में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर के झगड़ा होता रहता था। पिछले साल ही रोज रोज के झगड़ों से परेशान पति पत्नी आखिरकार तलाक लेने पहुंचे। शनिवार को ही तलाक की अर्जी पर सुनवाई के दौरान लोक अदालत के पारिवारिक न्यायाधीश फूलचंद झांझड़िया ने दोनों बनवारी लाल और सुनीता को उनकी तीन वर्षीय बेटी का हवाला देते हुए कहा कि तुम्हारी 3 साल की बेटी है जिसका भविष्य तुम्हारे हाथों में ही है।
न्यायाधीश के ऐसा कहने के बाद सुनिता और बनवारी ने तलाक लेने का अपना फैसला बदल दिया और फिर से एकसाथ जीपन बिताने को राजी हो गए। इसी तरह दो और मामलों में भी अदालत ने तलाक लेने आए दो अन्य जोड़ों का भी तलाक रोका।
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सीकर निवासी विनोद और जालंधर की रहने वाली सुनीता व सीकर के ही देवेन्द्र और शारदा की तलाक की अर्जी लंबे समय से कोर्ट के पास थी जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायाधीश के समझाने के बाद इन दो जोड़ो ने भी अपना फैसला बदल डाला।
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शादी के बाद से ही दो मियां बीवी में आए दिन किसी न किसी बात को लेकर के झगड़ा होता रहता था। पिछले साल ही रोज रोज के झगड़ों से परेशान पति पत्नी आखिरकार तलाक लेने पहुंचे। शनिवार को ही तलाक की अर्जी पर सुनवाई के दौरान लोक अदालत के पारिवारिक न्यायाधीश फूलचंद झांझड़िया ने दोनों बनवारी लाल और सुनीता को उनकी तीन वर्षीय बेटी का हवाला देते हुए कहा कि तुम्हारी 3 साल की बेटी है जिसका भविष्य तुम्हारे हाथों में ही है।
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न्यायाधीश के ऐसा कहने के बाद सुनिता और बनवारी ने तलाक लेने का अपना फैसला बदल दिया और फिर से एकसाथ जीपन बिताने को राजी हो गए। इसी तरह दो और मामलों में भी अदालत ने तलाक लेने आए दो अन्य जोड़ों का भी तलाक रोका।
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सीकर निवासी विनोद और जालंधर की रहने वाली सुनीता व सीकर के ही देवेन्द्र और शारदा की तलाक की अर्जी लंबे समय से कोर्ट के पास थी जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायाधीश के समझाने के बाद इन दो जोड़ो ने भी अपना फैसला बदल डाला।