{"_id":"58e209be4f1c1bdb315b3cd6","slug":"municipal-corporation-showed-big-negligence-in-rescue-of-four-trapped-people-in-udaipur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जानबूझकर मौत के मुंह में भेजा 'टीम' को लोगों ने किया रेसक्यू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानबूझकर मौत के मुंह में भेजा 'टीम' को लोगों ने किया रेसक्यू
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 03 Apr 2017 03:01 PM IST
विज्ञापन
सथानीय लोगों की मदद से जेसीबी से टैंक को तोड़ा गया
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उदयपुर में सेप्टिक टैंक हादसे के दौरान लोग मदद के लिए उदयपुर नगर निगम में फोन करते रहे। निगम की टीम मौके पर पहुंची तो आधे—अधूरे संसाधनों के साथ। जब तक लोगों ने अपने स्तर पर जेसीबी का इंतजाम किया और सेप्टिक टैंक तोड़ कर चारों मृतकों को बाहर निकाला।
उदयपुर में हुए दर्दनाक हादसे ने स्थानीय नगर निगम प्रशासन की पोल खोल कर रख दी। हादसे की पता चलते ही आसपास के लोग जमा हो गए और नगर निगम तथा जिला प्रशासन से मदद की गुहार करने लगे। निगम प्रशासन ने दो कर्मचारियों को मौके पर भेजा लेकिन उनके पास मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण तक नहीं थे। वे वहां पहुंचे।
इनमें से होमगार्ड मोहम्मद हुसैन अपनी जान पर खेलकर सेप्टिक टैंक में उतरा लेकिन, वह बेहोश हो गया। उसे लोगों ने वापस खींच लिया। एम्बुलैंस से उसे अस्पताल भिजवाया। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उदयपुर में हुए दर्दनाक हादसे ने स्थानीय नगर निगम प्रशासन की पोल खोल कर रख दी। हादसे की पता चलते ही आसपास के लोग जमा हो गए और नगर निगम तथा जिला प्रशासन से मदद की गुहार करने लगे। निगम प्रशासन ने दो कर्मचारियों को मौके पर भेजा लेकिन उनके पास मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण तक नहीं थे। वे वहां पहुंचे।
विज्ञापन
इनमें से होमगार्ड मोहम्मद हुसैन अपनी जान पर खेलकर सेप्टिक टैंक में उतरा लेकिन, वह बेहोश हो गया। उसे लोगों ने वापस खींच लिया। एम्बुलैंस से उसे अस्पताल भिजवाया। उसकी हालात गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों ने ही निकाला फंसे हुए लोगों को
घायलों को भी स्थानीय लोगों ने ही पहुंचाया अस्पताल
- फोटो : amar ujala
इसके करीब एक घंटे बाद एक दमकल मौके पर पहुंची लेकिन, उसमें आए दो बचावकर्मियों केे पास भी कोई साधन नहीं थें। वे इस तरह की घटनाओं से निपटने के प्रशिक्षित नहीं थें। तब लोगों ने अपने स्तर पर जेसीबी बुलाई और और मकान की दीवार तथा सेप्टिक टैंक को तोड़कर उसमें फंसे मजदूरों को बाहर निकाला।
अप्रशिक्षित लोगों को भेज दिया
बचाव के लिए जुटे आसपास के लोग
- फोटो : amar ujala
पार्षद नानालाल बया तथा स्थानीय लोगों ने इस मामले में नगर निगम और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि रेस्क्यू टीम हादसों से निपटने के लिए प्रशिक्षित होती तो शायद इस हादसे में इतने लोगों की जान नहीं जाती। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की टीम के नाम पर अप्रशिक्षित लोगों को भेज दिया।