{"_id":"5a6c85ad4f1c1b8b268b6b33","slug":"jlf-2018-shashi-tharoor-speaks-on-padmaavat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"JLF: थरूर ने किया आरएसएस का समर्थन, पद्मावत पर बोले-कुछ तो गड़बड़ है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
JLF: थरूर ने किया आरएसएस का समर्थन, पद्मावत पर बोले-कुछ तो गड़बड़ है
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 27 Jan 2018 07:55 PM IST
विज्ञापन
shashi Tharoor
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को लेकर भले ही दावे 'पद्मावत' विवाद से दूर रहने के हो रहे हों, लेकिन गाहे-बगाहे वक्ता इसका जिक्र किए बिना भी नहीं रह रहे है। राज्यसभा से सांसद और लेखक शशि थरूर ने कहा कि पद्मावत मामले में कुछ न कुछ गड़बड़ तो है।
शशि थरूर ने कहा कि आज यदि हम फिल्म देखे बिना ही उसका इतना विरोध होते देख रहे हैं। इतना ही नहीं, लोग एक-दूसरे की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोक रहे हैं तो मानना चाहिए कि इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ है।
थरूर ने जेएलएफ में आज अपनी किताब 'Why I Am a Hindu' पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म इस सदी के लिए सबसे सही है, बस इसे संकीर्ण नजर से देखा जा रहा है। यदि इसे उदार माना जाता है तो उसके लिए लोगों को भी आगे आना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शशि थरूर ने कहा कि आज यदि हम फिल्म देखे बिना ही उसका इतना विरोध होते देख रहे हैं। इतना ही नहीं, लोग एक-दूसरे की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोक रहे हैं तो मानना चाहिए कि इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ है।
विज्ञापन
थरूर ने जेएलएफ में आज अपनी किताब 'Why I Am a Hindu' पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म इस सदी के लिए सबसे सही है, बस इसे संकीर्ण नजर से देखा जा रहा है। यदि इसे उदार माना जाता है तो उसके लिए लोगों को भी आगे आना होगा।
विज्ञापन
थरूर ने किया संघ का समर्थन
Shashi Tharoor
उन्होंने कहा कि हिंदू विचारधारा अपने आप में इतनी उदार है कि वह सबको साथ लेकर चलने के लिए कहती है। केवल गाय के नाम पर दूसरों का मारना नहीं बल्कि एक साथ रहना सिखाती है। संकीर्ण हिंदू विचारधारा की बात न तो विवेकानंद ने की थी न ही पुरातन समय में थी।
थरूर ने संघ और प्रधानमंत्री मोदी की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। थरूर ने कहा कि एक तरफ पीए मोदी संविधान को सबसे पवित्र पुस्तक बताते हैं वहीं दूसरी तरफ दीन दयाल उपाध्याय को मानते हैं। वे जानते हैं कि दीन दयाल उपाध्याय ने संविधान को खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ, थरूर ने संघ का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि संघ कहता है कि धर्म नहीं पंथ निरपेक्षता होनी चाहिए। सही है जहां पर हर काम धर्म से जुड़ा है, वहीं धर्म निरपेक्षता की बजाय पंथ निरपेक्षता के बारे में ही बात की जानी चाहिए।
थरूर ने संघ और प्रधानमंत्री मोदी की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। थरूर ने कहा कि एक तरफ पीए मोदी संविधान को सबसे पवित्र पुस्तक बताते हैं वहीं दूसरी तरफ दीन दयाल उपाध्याय को मानते हैं। वे जानते हैं कि दीन दयाल उपाध्याय ने संविधान को खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ, थरूर ने संघ का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि संघ कहता है कि धर्म नहीं पंथ निरपेक्षता होनी चाहिए। सही है जहां पर हर काम धर्म से जुड़ा है, वहीं धर्म निरपेक्षता की बजाय पंथ निरपेक्षता के बारे में ही बात की जानी चाहिए।