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कमरे में सो रही छात्रा जिंदा जली, दर्दनाक मौत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 02:34 PM IST
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आग के बाद कमरे में लड़की समेत सारा सामान जलकर खाक हो गया
- फोटो : amar ujala
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झुंझुनूं जिले के मलसीसर के टमकोर गांव में रविवार रात दर्दनाक हादसे में 17 साल की लड़की जिंदा जल गई। शॉर्ट सर्किट से लगे आग इतनी तेज भड़की कि वह अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकल पाई।
पुलिस के अनुसार टमकोर निवासी रघुवीर सिंह राजपूत की 17 वर्षीय पुत्री नवल कमरे में सो रही थी। इस दौरान उसकी मां व छोटी बहन घरेलू काम मे व्यस्त थी। कमरे में अचानक पंखे के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग की चिंगारी निकलने लगी जिससे पलंग पर रखे कपड़ों ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते गद्दे व अन्य समान में आग लग गई और नवल भी उसकी चपेट में आ गई। नवल ने मदद के लिए शोर मचाया तो उसकी मां बहन व पड़ोसियों ने कमरा खोला। एकबारगी सभी ने सोचा नवल आग लगने पर कमरे से बाहर निकल गई होगी, लेकिन जब पड़ोसियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया तब पता चला कि आग में नवल जिंदा जल चुकि है।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मृतका नवल के शव को मलसीसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया। मलसीसर सीएचसी में 8 चिकित्सकों के पद स्थापित है लेकिन सोमवार को दंत चिकित्सक, आयुर्वेदिक चिकित्सक के अलावा कोई भी चिकित्सक मौजूद नही होने पर मृतका का पोस्टमार्टम नही करवाया जा सका। दोपहर अन्य पीएससी के चिकित्सक की मौजूदगी में मृतका का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। टमकोर श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में दाह संस्कार किया गया।
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पुलिस के अनुसार टमकोर निवासी रघुवीर सिंह राजपूत की 17 वर्षीय पुत्री नवल कमरे में सो रही थी। इस दौरान उसकी मां व छोटी बहन घरेलू काम मे व्यस्त थी। कमरे में अचानक पंखे के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग की चिंगारी निकलने लगी जिससे पलंग पर रखे कपड़ों ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते गद्दे व अन्य समान में आग लग गई और नवल भी उसकी चपेट में आ गई। नवल ने मदद के लिए शोर मचाया तो उसकी मां बहन व पड़ोसियों ने कमरा खोला। एकबारगी सभी ने सोचा नवल आग लगने पर कमरे से बाहर निकल गई होगी, लेकिन जब पड़ोसियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पाया तब पता चला कि आग में नवल जिंदा जल चुकि है।
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सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मृतका नवल के शव को मलसीसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया। मलसीसर सीएचसी में 8 चिकित्सकों के पद स्थापित है लेकिन सोमवार को दंत चिकित्सक, आयुर्वेदिक चिकित्सक के अलावा कोई भी चिकित्सक मौजूद नही होने पर मृतका का पोस्टमार्टम नही करवाया जा सका। दोपहर अन्य पीएससी के चिकित्सक की मौजूदगी में मृतका का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। टमकोर श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में दाह संस्कार किया गया।
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