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जैन मुनि बनने से पहले यहां चाय बेचा करते थे शांति सागर, दुष्कर्म के हैं आरोप
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:36 PM IST
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शांति सागर
- फोटो : फाइल फोटो
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दुष्कर्म से आरोपों से घिरे संत और बाबाओं की लिस्ट में एक और नाम सम्मलित हो गया है। वह नाम है जैन मुनि शांति सागर का। शांति सागर जैन मुनि बनने से पूर्व कोटा में चाय बेचा करते थे।
जानकारी के अनुसार कोटा में एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बाहर उन्होंने दो वर्ष तक चाय की दुकान लगाई है। मध्यप्रदेश के गुना निवासी शांति सागर का असली नाम गिरिराज शर्मा। जैन मुनि बनने के बाद शांति सागर दो बार चार्तुमास के लिए कोटा भी आया। लेकिन उनका विवादों से नाता रहा है, इसलिए अधिकांश जैन समुदाय ने उनसे दूरी बनाकर रखी।
कोटा में भी उनके कुछ अनुयायी मौजूद हैं। हालांकि पहले के मुकाबले उनके अनुयायियों की संख्या काफी तेजी से घटी है।
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जानकारी के अनुसार कोटा में एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बाहर उन्होंने दो वर्ष तक चाय की दुकान लगाई है। मध्यप्रदेश के गुना निवासी शांति सागर का असली नाम गिरिराज शर्मा। जैन मुनि बनने के बाद शांति सागर दो बार चार्तुमास के लिए कोटा भी आया। लेकिन उनका विवादों से नाता रहा है, इसलिए अधिकांश जैन समुदाय ने उनसे दूरी बनाकर रखी।
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कोटा में भी उनके कुछ अनुयायी मौजूद हैं। हालांकि पहले के मुकाबले उनके अनुयायियों की संख्या काफी तेजी से घटी है।
सुरत में हुई है गिरफ्तारी
crime scene
शांति सागर की गिरफ्तारी के बाद कोटा के जैन समुदाय में उनके प्रति लगाव तेजी से घटना है। कोटा में चार्तुमास के दौरान शांति सागर पर टोने-टोटके के भी आरोप लगे थे। जिसके चलते खासा विवाद हो गया था।
इसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में कोटा से जाना पड़ा था। वहीं कोटा में जैन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी ने गलत कृत्य किया है तो उसे जरूर सजा मिलनी चाहिए।
इसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में कोटा से जाना पड़ा था। वहीं कोटा में जैन समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी ने गलत कृत्य किया है तो उसे जरूर सजा मिलनी चाहिए।