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आखिर हमारे IIM की नेशनल रैंकिंग एक साल में इतनी क्यों गिरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 06 Apr 2017 02:54 PM IST
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उदयपुर आईआईएम
- फोटो : amar ujala
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एमएचआरडी की ओर से जारी उच्च शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग में लेकसिटी का शैक्षणिक रुतबा घटा है। उदयपुर आईआईएम की रैंक इस बार दस अंक लुढ़ककर 15वीं पर आ गई।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल रैंकिंग में उदयपुर आईआईएम को 15वां स्थान मिला है जबकि पिछली बार यह स्थान 5वां था। इसका सबसे बड़ा कारण रिसर्च की कमी, प्रोफेशनल प्रेक्टिस होना और स्टूडेंट्स की नजरों में साख गिरना सामने आ रहा है। 2015 की नेशनल रैंकिंग में जहां उदयपुर से तीन शिक्षण संस्थान अलग-अलग श्रेणी में टॉप 100 में शामिल हुए थे। वहीं, इस बार सिर्फ आईआईएम उदयपुर को ही स्थान मिल पाया है। इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि जानकारी के अभाव में कई शिक्षण संस्थानों ने रैंकिंग के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
उधर, आईआईएम के निदेशक जनत शाह संस्थान की रेटिंग गिरने को गंभीरता से नहीं ले रहे। शाह ने कहा की पिछली बार आईआईएम द्वारा रैंकिंग सिस्टम को गंभीरता से लिया गया था जिससे हमारी 5 वी पोजीशन आई थी, लेकिन इस बार हमारे स्टूडेंट्स ने इसकी बारीकियों पर ध्यान नहीं दिया। इससे हम लोग 15वीं रैंकिंग पर पहुच गए हैं।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल रैंकिंग में उदयपुर आईआईएम को 15वां स्थान मिला है जबकि पिछली बार यह स्थान 5वां था। इसका सबसे बड़ा कारण रिसर्च की कमी, प्रोफेशनल प्रेक्टिस होना और स्टूडेंट्स की नजरों में साख गिरना सामने आ रहा है। 2015 की नेशनल रैंकिंग में जहां उदयपुर से तीन शिक्षण संस्थान अलग-अलग श्रेणी में टॉप 100 में शामिल हुए थे। वहीं, इस बार सिर्फ आईआईएम उदयपुर को ही स्थान मिल पाया है। इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि जानकारी के अभाव में कई शिक्षण संस्थानों ने रैंकिंग के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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उधर, आईआईएम के निदेशक जनत शाह संस्थान की रेटिंग गिरने को गंभीरता से नहीं ले रहे। शाह ने कहा की पिछली बार आईआईएम द्वारा रैंकिंग सिस्टम को गंभीरता से लिया गया था जिससे हमारी 5 वी पोजीशन आई थी, लेकिन इस बार हमारे स्टूडेंट्स ने इसकी बारीकियों पर ध्यान नहीं दिया। इससे हम लोग 15वीं रैंकिंग पर पहुच गए हैं।
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