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गौ-तस्कर मौत मामला: मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट की तलब

Fri, 07 Apr 2017 07:38 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 07 Apr 2017 07:38 PM IST
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 Human Rights Commission  sought report from government
अलवर गौ तस्कर मामला - फोटो : अमर उजाला

अलवर के बहरोड़ में बहुचर्चित कथित गौ तस्कर मौत और मारपीट मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वप्रेरित संज्ञान लिया है और आयोग ने राजस्थान सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। संसद के दोनों सदनों में दो दिनों से लगातार ये मामला गूंज रहा है।

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आयोग ने मामले में प्रसंज्ञान लेते हुए मामले को बेहद गंभीर माना है। इसमें मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इस तरह के मामलों पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र गृह सचिव को भी नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गंभीर रूप से मानवाधिकारों का उल्लंधन बताया है। आयोग ने सरकार से कहा है कि चार सप्ताह में इस मामले में रिपोर्ट पेश करें।
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गौरतलब है कि शनिवार रात्रि को बहरोड़ में गौ-रक्षकों ने एक कथित गौ-तस्कर की इतनी पिटाई की कि बहरोड़ के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा शव लेने से इंकार करने पर अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
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मामले के तहत शनिवार रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अलवर के बहरोड़ के नजदीक पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद गौ-रक्षकों ने इन लोगों के तीन वाहनों को घेर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद इन गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के चुंगल से इन लोगों को छुड़ाया और गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां पहलू खान की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे आईसीयू में दाखिल कराया। सोमवार रात को पहलू खान ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख अलवर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि जो गौवंश पकड़ा गया, उसे ले जाने के लिए उपर्युक्त दस्तावेज इन लोगों के पास नहीं मिले।

पुलिस ने 15 कथित गौ-तस्करों के खिलाफ राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट 1995 के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।  वहीं मारपीट करने वाले 200 लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें एक बहरोड़ राजकीय कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव भी है। तीनों को अदालत ने पुलिस रिमाण्ड पर भेज दिया।


वहीं, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि गौ-रक्षकों उन्हें रोका वह तो अच्छा था, लेकिन मारपीट कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि गौ-तस्करी की सूचना या आशंका होती है तो गौ-रक्षक वाहनों को रोक सकते हैं, लेकिन उन्हें किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए। कटारिया का कहना कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

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