पहले बैंच पर और अब निजी वाहन में हुआ बच्चे का जन्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है। विशेषकर जब मामले प्रसूताओं से जुड़े हो तो स्वास्थ्य सेवा लचर ही दिखाई देती है।
राजस्थान के अलवर जिले में बीते तीन दिन में दूसरा ऐसा मामला सामने आया है जब प्रसूता के प्रति स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है।
जानकारी के अनुसार आज सुबह जिले के नीमराना में एक निजी कंपनी में काम करने वाले सुरेश की पत्नी की रोशनी देवी को जब प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने जननी सुरक्षा एक्सप्रेक्स के लिए फोन किया।
लेकिन दो घंटे बीतने के बाद भी ना तो एम्बूलेंस मौके पर पहुंची और ना जननी सुरक्षा एक्सप्रेक्स। इसके बाद करीब सुबह आठ बजे प्रसूता को परिजन निजी वाहन से अस्पताल ले जाने लगे तो उसने वाहन में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
लगातार सामने आ रही है लापरवाही
घटना की जानकारी मिलने के बाद सरकारी अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे सरकारी अस्पताल के चिकित्सक व नर्सिंग स्टॉफ प्रसूता व नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे।
गौरतलब है दो दिन पूर्व अलवर के बहरोड़ के रैफरल अस्पताल परिसर में एक प्रसूता ने बैंच पर बच्चे को जन्म दिया था।
जिसके बाद प्रशासन ने लापरवाही बरतने के आरोप में एक नर्स को एपीओ कर दिया था।