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इस दुल्हन की बारात एक दिन पहले आई, जानिए फिर क्या हुआ
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:55 PM IST
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शादी
- फोटो : demo
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घर में शादी का माहौल था। थोड़े बहुत मेहमान आए हुए थे, बाकी का इंतजार था। इस बीच घर के सामने बैंड बजने लगता है। बरात आ चुकी थी, लेकिन इसे देख लड़की के घर वालों के होश उड़ गए।
ये तो होना ही था। दरअसल बरात शनिवार का आनी थी, लेकिन वह एक दिन पहले शुक्रवार को ही आ गई। ये घटना कोटा जिल के शाहबाद स्थित खुशालपुरा गांव की है। यहां की लड़की वर्षा सहरिया की शादी अगरा डांडा गांव के ऋषिराज के साथ शनिवार को तय हुई थी।
पंचाग की गफलत के चलते दूल्हे के घरवाले बैंड—बाजा—बाराती समेत शुक्रवार को ही दुल्हन के घर पहुंच गए। दुल्हन के घरवालों में हडकम्प मच गया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जैसे—तैसे बरातियों के खाने—पीने और ठहरने की व्ययवस्था की। इधर यहां अव्यवस्थाएं देख बारात के साथ आए बैंड बाजे वाले और डीजे वाले भी लौट गए।
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बाद में दूल्हे को ट्रैक्टर में बैठाकर बारात निकाली गई। बिना बैंड बाजे के बारात निकाले जाने से बारातियों को नाचने गाने का मौका ही नहीं मिल पाया।
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ये तो होना ही था। दरअसल बरात शनिवार का आनी थी, लेकिन वह एक दिन पहले शुक्रवार को ही आ गई। ये घटना कोटा जिल के शाहबाद स्थित खुशालपुरा गांव की है। यहां की लड़की वर्षा सहरिया की शादी अगरा डांडा गांव के ऋषिराज के साथ शनिवार को तय हुई थी।
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पंचाग की गफलत के चलते दूल्हे के घरवाले बैंड—बाजा—बाराती समेत शुक्रवार को ही दुल्हन के घर पहुंच गए। दुल्हन के घरवालों में हडकम्प मच गया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जैसे—तैसे बरातियों के खाने—पीने और ठहरने की व्ययवस्था की। इधर यहां अव्यवस्थाएं देख बारात के साथ आए बैंड बाजे वाले और डीजे वाले भी लौट गए।
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बाद में दूल्हे को ट्रैक्टर में बैठाकर बारात निकाली गई। बिना बैंड बाजे के बारात निकाले जाने से बारातियों को नाचने गाने का मौका ही नहीं मिल पाया।