{"_id":"593129ae4f1c1bf946bda83c","slug":"ganga-dusshera-will-be-celebrated-in-this-special-yoga","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस खास योग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस खास योग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 03:15 PM IST
विज्ञापन
गंगा
- फोटो : अमर उजाला
गंगा दशहरा इस बार एक खास योग में मनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक गंगा दशहरा 4 जून को सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग के साथ मनाया जाएगा।
ज्योतिषियों के मुताबिक तीन जून को सुबह 6.52 बजे से दशमी लग जाएगी, जो 4 जून को सुबह 8.02 मिनट तक रहेगी। जानकारों के मुताबिक गंगाजी हिमालय से हस्त नक्षत्र, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को अवतरित हुई थी। इस दिन पवित्र तीर्थ पर गंगा में स्नान कर दस प्रकार की वस्तुओं का दान करना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि गंगादशहरा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के समय गंगा स्नान विशेष फलदायी रहेगा। अगर किसी वजह से गंगा में स्नान संभव नहीं हो तो आसपास की नदी व सरोवर में गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। इस बार अाठ योगों की प्रधानता के साथ गंगादशहरा का पूजन किया जाएगा। ऐसे में जयपुर में गलता तीर्थ पर भीड़ रहेगी।
ज्योतिषाचार्य राजकुमार ने बताया कि दशहरा जितना बलवान होगा देश के लोगों को उतना ही लाभ होगा। गंगा स्नान करने से 3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक पाप नष्ट होते हैं। इनमें खरबूजा, सत्तू, शर्बत, फूल, दीपक, पान के पत्ते, इत्र, पंखा हाथ का, जौ और तिल का दान सोलह मुट्ठी का दान, जरूरतमंदों को भोजन कराना आदि सही होता है। वहीं निर्जला एकादशी 5 जून को मनाई जाएगी। भीषण गर्मी में बिना जल के इस व्रत को रखकर दान किया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा व ध्यान किया जाता है।
विज्ञापन
ज्योतिषियों के मुताबिक तीन जून को सुबह 6.52 बजे से दशमी लग जाएगी, जो 4 जून को सुबह 8.02 मिनट तक रहेगी। जानकारों के मुताबिक गंगाजी हिमालय से हस्त नक्षत्र, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को अवतरित हुई थी। इस दिन पवित्र तीर्थ पर गंगा में स्नान कर दस प्रकार की वस्तुओं का दान करना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि गंगादशहरा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के समय गंगा स्नान विशेष फलदायी रहेगा। अगर किसी वजह से गंगा में स्नान संभव नहीं हो तो आसपास की नदी व सरोवर में गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। इस बार अाठ योगों की प्रधानता के साथ गंगादशहरा का पूजन किया जाएगा। ऐसे में जयपुर में गलता तीर्थ पर भीड़ रहेगी।
ज्योतिषाचार्य राजकुमार ने बताया कि दशहरा जितना बलवान होगा देश के लोगों को उतना ही लाभ होगा। गंगा स्नान करने से 3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक पाप नष्ट होते हैं। इनमें खरबूजा, सत्तू, शर्बत, फूल, दीपक, पान के पत्ते, इत्र, पंखा हाथ का, जौ और तिल का दान सोलह मुट्ठी का दान, जरूरतमंदों को भोजन कराना आदि सही होता है। वहीं निर्जला एकादशी 5 जून को मनाई जाएगी। भीषण गर्मी में बिना जल के इस व्रत को रखकर दान किया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा व ध्यान किया जाता है।
विज्ञापन