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पहली बार, हर महीने बहू देगी सास-ससुर को गुजारा भत्ता
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 22 Sep 2017 04:18 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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आमतौर पर बहू को गुजारा भत्ता मिलने की बात सामने आती है। संभवतया पहली बार एक बहू अपने सास-ससुर को गुजारा भत्ता देगी।
बहू को सास और ससुर को 10-10 हजार रुपए मासिक गुजारा भत्ता देना पड़ेगा। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश रवींद्र कुमार माहेश्वरी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक महिला को सास-ससुर को गुजारा भत्ता देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सवाई माधोपुर के रहने वाले जेपी विग (80) के एक ही बेटा था, जिसकी मौत कुछ समय पहले स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से हो गई। उनके बेटे की जयपुर में दो बड़ी कंपनियां थीं। बेटे की मृत्यु के बाद पुत्रवधु ने दोनों कंपनियां अपने कब्जे में ले लीं। इसके साथ ही उसने पति की होंडा सिटी कार एवं दूसरी सभी संपतियों पर भी हक जमा लिया।
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बहू को सास और ससुर को 10-10 हजार रुपए मासिक गुजारा भत्ता देना पड़ेगा। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश रवींद्र कुमार माहेश्वरी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक महिला को सास-ससुर को गुजारा भत्ता देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सवाई माधोपुर के रहने वाले जेपी विग (80) के एक ही बेटा था, जिसकी मौत कुछ समय पहले स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से हो गई। उनके बेटे की जयपुर में दो बड़ी कंपनियां थीं। बेटे की मृत्यु के बाद पुत्रवधु ने दोनों कंपनियां अपने कब्जे में ले लीं। इसके साथ ही उसने पति की होंडा सिटी कार एवं दूसरी सभी संपतियों पर भी हक जमा लिया।
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जीवन यापन में आई परेशानी, तो खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
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बेटे की मौत के बाद जेपी विग और उनकी पत्नी को अपना जीवन यापन के लिए परेशानी पैदा हो गई। उन्होंने बेटे की संपति पर अपना हक जताते हुए अपनी बहू से गुजारा भत्ता दिलाने के लिए कोर्ट में अपील की।
अदालत ने बहू को सास-ससुर को जीवनयापन करने के लिए दस-दस हजार का मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। जेपी विंग के वकील उमाशंकर शर्मा ने कहा आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी कोर्ट ने बहू को अपने सास-ससुर को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
अदालत ने बहू को सास-ससुर को जीवनयापन करने के लिए दस-दस हजार का मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। जेपी विंग के वकील उमाशंकर शर्मा ने कहा आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी कोर्ट ने बहू को अपने सास-ससुर को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।