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हवा में हिचकोले खाता रहा प्लेन, चीखते रहे यात्री

Tue, 05 Sep 2017 07:14 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 05 Sep 2017 07:14 PM IST
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flight went crazy in air passengers roars upon pilot
flight - फोटो : getty images
सोचिए आप एक प्लेन में हजारों फीट की ऊंचाई पर हो और प्लेन अचानक हिचकोले खाने लग जाए, तो आपका क्या हाल होगा। एेसी परिस्थितयों से करीब 160 यात्री रू-ब-रू हुए।
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इन यात्रियों ने गुवाहाटी से जयपुर के लिए उड़ान भरी थी। इस धड़कनें बढ़ा देने वाले सफर के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर उतरे इन यात्रियों ने राहत की सांस ली, लेकिन उनका गुस्सा प्लेन के पायलट पर फूट पड़ा। यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को लिखित में शिकायत दी है।
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जानकारी के अनुसार यात्रियों ने एक निजी आॅपरेटर कंपनी के प्रबंधक को अपने साथ हुई इस घटना का लिखित में ब्यौरा देते हुए कहा कि 'जो प्लेन ठीक से नहीं उड़ा सकते ऐसे पायलटों को रखा ही क्यों जाता है। गुवाहाटी से जयपुर के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट संख्या SG-842 जब गुवाहाटी से जयपुर के लिए रवाना हुई तो अचानक बीच में प्लेन डगमगाने लग गया, जिसके बाद प्लेन में सवार यात्री बुरी तरह से घबरा गए।
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सफर में कई बार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मची। हिचकोले खाते समय यात्री बुरी तरह घबरा गए, लेकिन पायलट ने प्लेन को जयपुर एयरपोर्ट पर सही सलामत लैंड करा दिया।

जानिए, हवा में क्यों खा गया प्लेन हिचकोले

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जयपुर एयरपोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दिनों में हवा में एक विशेष प्रकार के बादल बनते हैं, जिन्हें कमूलोनिंबस क्लाउड (Cumulonimbus Cloud) यानी सीबी क्लाउड कहा जाता है। जब इन बादलों के बीच से प्लेन गुजरता है, तो वो डगमगाने लगता है।

विशेषज्ञों ने इस घटना को वैदर कंडीशन से उपजे हालात बताया। उनके अनुसार इन हालातों में कोई भी पायलट होता तो प्लेन फिर भी हिचकोले खाता ही है। इन बादलों से गुजरने वाले प्लेन अचानक से कई फीट नीचे आ जाता है और कभी कभी कुछ फीट उपर भी चला जाता है। ऐसे में यात्रियों में घबराहट पैदा हो जाती है।

उनके अनुसार प्लेन के भीतर बैठे यात्री सोचते हैं कि प्लेन में कोई तकनीकि खराबी आ गई है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है। बादल गुजर जाने के बाद प्लेन वापस अपनी स्थिर उड़ान पर आ जाता है।

जानिए, क्या होते हैं कमूलोनिंबस क्लाउड

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कमूलोनिंबस क्लाउड
कमूलोनिंबस क्लाउड (Cumulonimbus Cloud) यानी सीबी क्लाउड रुई के ढेर जैसे बादलों का समूह होता है, जो हैवी डैं​सिटी वाले होते हैं। इन्हें कपासी वर्षी बादल भी कहा जाता है। ये लम्बवत रचना वाले बादल होते हैं अर्थात इनका विस्तार ऊंचाई में अधिक होता है। इस वजह से ये पर्वत सदृश या लम्ब्वत स्तम्भ के रूप में द्रष्टिगत होते हैं। इन बादलों के कारण दुनिया में कई जगह विमान हादसे भी हुए हैं।
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