Rajasthan Weather: बेमौसम बारिश का कहर, बिजली गिरने से मां-बच्चे समेत पांच की मौत, दस बुरी तरह झुलसे
राजस्थान में तेज बारिश के साथ गिरी बिजली ने पांच लोगों की जान ले ली, जबकि नागौर के मेड़ता इलाके में खेतों में काम कर रहे 10 किसान झुलस गए। पाली में गिरी बिजली से तीन और नागौर, उदयपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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प्रदेश में एक्टिव हुआ नया वेदर सिस्टम लोगों और किसानों पर जमकर कहर बरपा रहा है। इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर राजस्थान में शुक्रवार को कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ आसमानी बिजली गिरने के रूप में देखने को मिला। बिजली गिरने के हादसों में महिला और उसके मासूम बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें पाली के तीन और नागौर, उदयपुर के एक-एक लोग शामिल हैं। पाली जिले में टुकड़ा इलाके की निवासी महिला जमीला और उसके चार साल के बच्चे साहिब ने दम तोड़ दिया। पाली के ही निम्बेटी के रहने वाले भीयाराम गुर्जर पर बिजली गिरने से उसकी भी मौत हो गई, जबकि नागौर के मेड़ता सिटी के फालकी निवासी शौकीन खान और उदयपुर के लसाडिया थाना इलाके के शंकरलाल ने भी खुद पर बिजली गिरने से दम तोड़ दिया।
नागौर के मेड़ता सिटी में दस किसान झुलसे
मिली खबरों के मुताबिक नागौर के मेड़ता में खेतों में काम कर रहे दस किसान बिजली गिरने के हादसों में झुलस गए। चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी नगर पालिका कार्यालय पर बिजली गिरने से कंप्यूटर उपकरण जल गए।
नुकसान पर आपदा राहत मंत्री 20 मार्च को विधानसभा में जवाब पेश करेंगे
प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी बारिश और ओलावृष्टि के बाद चार डिग्री तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। कोटा, बूंदी, प्रतापगढ़ और जयपुर के जोबनेर में तेज बारिश के साथ चने के आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बड़े स्तर पर चौपट हो गई हैं। ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान को लेकर आपदा राहत मंत्री 20 मार्च को विधानसभा में जवाब पेश करेंगे। वह नुकसान का आकलन बताएंगे और किसी राहत की घोषणा भी की जा सकती है।
20 मार्च तक जारी रहेगा बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का दौर
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक शनिवार को भरतपुर, धौलपुर जिलों और पूर्वी राजस्थान में आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विभाग के मुताबिक उत्तरी भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ का तंत्र एक्टिव हुआ है। जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात सीमा के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। सरहद पार पाकिस्तान में कराची के पास भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। 18, 19 और 20 मार्च को बादल गरजने, बारिश होने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर राजस्थान के कुछ भागों में जारी रहेगा।
खेतों में तैयार फसल बर्बाद
जयपुर में एक घंटे और नागौर में करीब 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई। खेतों में तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। वहीं, नागौर जिले के मेड़ता कस्बे में बिजली गिरने से खेत में जीरा एकत्रित कर रहे 45 साल के किसान शौकीन खान की मौत हो गई। इसी गांव में बिजली गिरने से एक भैंस भी मर गई। साथ ही आसपास के खेतों में काम कर रहे 10 से ज्यादा किसान बुरी तरह से झुलस गए। सभी को मेड़ता सिटी अस्पताल में पहुंचाया गया। वहीं, पाली में भी बिजली ने कहर बरपाया है। यहां के जैतारण में खेत में काम कर रही एक महिला जमिला (40) बेटे के साथ पेड़ के नीचे खड़ी थी। अचानक बिजली पेड़ पर गिर गई। हादसे में महिला और एक बकरी की मौत हो गई। वहीं मासूम बच्चा साहिब (4 साल) घायल हो गया। बच्चे ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
10 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश
प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई है। राजधानी जयपुर में बीती शाम पांच बजे बाद मौसम में बदलाव हुआ और आंधी चलनी शुरू हो गई। करीब 40 किलोमीटर की स्पीड से चली इन हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो गई। जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, एमआई रोड, झोटवाड़ा, सिरसी, हरमाड़ा, सीकर बाइपास, विद्याधर नगर, वैशाली नगर समेत कई जगहों पर धूल उड़ने से आसमान मटमैला हो गया। ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। मौसम का ये रूप जयपुर के अलावा नागौर, सीकर, अजमेर, राजसमंद, उदयपुर क्षेत्र में भी रहा। इन जिलों में स्पीड से हवा चली। जोधपुर के कापरड़ा सहित आसपास के गांवों में भी बरसात हुई। बीकानेर, सीकर में भी बारिश हुई। मार्च में अभी तक दो बार बेमौसम की बरसात हो चुकी है। प्रदेश के किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। कटाई के लिए तैयार गेहूं, चना, सरसों, जीरा, इसबगोल की फसलों को बारिश-ओलों से बड़ा नुकसान पहुंचा है। गंगानगर के सूरतगढ़, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ एरिया में भी तेज आंधी के बाद बारिश और ओलावृष्टि हुई है।