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अजमेर ब्लास्टः इंद्रेश-प्रज्ञा पर अंतिम परिणाम रिपोर्ट 28 को
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 23 Mar 2017 02:54 PM IST
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साध्वी प्रज्ञा सिंह
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अजमेर बम ब्लास्ट के बहुप्रतीक्षित फैसले में बुधवार को अभियुक्त देवेन्द्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ अदालत ने एनआईए की ओर से इन्द्रेश कुमार और प्रज्ञा सिंह सहित अन्य के खिलाफ पूर्व में पेश रिपोर्ट को विधि सम्मत नहीं माना है।
अदालत ने एनआईए के डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह आरोपी इन्द्रेश कुमार, प्रज्ञासिंह सहित, रमेश गोहिल, अमित, समन्दर और जयंति भाई के संबंध में 28 मार्च तक अंतिम परिणाम की रिपोर्ट पेश करे। गौरतलब है कि मामले की जांच में कहा गया था कि इन्द्रेश कुमार ने जयपुर स्थित गुजराती समाज के गेस्ट हाउस में 31 अक्टूबर 2005 को हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और तय किया कि हिंदू धर्मस्थलों पर हमले हुए तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में साध्वी प्रज्ञा सिंह, स्वामी असीमानंद, सुनील जोशी, लोकेश और अनेक लोग शामिल थे। इन्होंने चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक दल बनाया और असीमानंद ने गुजरात में अपने आश्रम में इन कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। हालांकि बचाव पक्ष का आरोप था कि सभी बातें झूठ हैं।
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अदालत ने एनआईए के डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह आरोपी इन्द्रेश कुमार, प्रज्ञासिंह सहित, रमेश गोहिल, अमित, समन्दर और जयंति भाई के संबंध में 28 मार्च तक अंतिम परिणाम की रिपोर्ट पेश करे। गौरतलब है कि मामले की जांच में कहा गया था कि इन्द्रेश कुमार ने जयपुर स्थित गुजराती समाज के गेस्ट हाउस में 31 अक्टूबर 2005 को हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और तय किया कि हिंदू धर्मस्थलों पर हमले हुए तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
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इस बैठक में साध्वी प्रज्ञा सिंह, स्वामी असीमानंद, सुनील जोशी, लोकेश और अनेक लोग शामिल थे। इन्होंने चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक दल बनाया और असीमानंद ने गुजरात में अपने आश्रम में इन कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। हालांकि बचाव पक्ष का आरोप था कि सभी बातें झूठ हैं।
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