फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Filed the complaint in the land scam against IAS

सीएस की दौड़ में शामिल इस आईएएस के खिलाफ जमीन घोटाले में परिवाद दायर

Thu, 29 Jun 2017 06:53 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 29 Jun 2017 06:53 PM IST
विज्ञापन
Filed the complaint in the land scam against IAS
Demo Pic
राजस्थान में चीफ सेकेट्री की दौड़ में शामिल आईएएस के खिलाफ जमीन घोटाले को लेकर एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 में परिवाद पेश किया गया है।
विज्ञापन


परिवाद मानसरोवर इलाके में हुए कथित भूमि घोटाले को लेकर है। परिवाद पर अदालत 6 जुलाई को सुनवाई करेगी। अशोक पाठक की ओर से पेश परिवाद में तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव डी.बी. गुप्ता, जी.एस. संधू, राजस्थान आवासन मंडल के तत्कालीन चेयरमैन परसराम मोरदिया सहित तीन अन्य अशोक शर्मा, नानगराम और रामबाबू अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।

परिवाद में कहा गया कि राज्य सरकार ने मानसरोवर स्कीम की आवासीय योजना के लिए वर्ष 2009 में झालाना रोड देवरी, गोल्यावास और सुखालपुरा की करीब ढाई हजार बीघा भूमि अवाप्त की। परिवाद में कहा गया कि अवाप्ति में शामिल सुखालपुरा की 35 बीघा भूमि को 1975 में ही न्यू पिंकसिटी सोसायटी ने खरीद दिया था।
विज्ञापन


ऐसे में सोसायटी ने रेफरेंस पिटिशन पेश कर मुआवजा सोसायटी के हक में जारी करने की गुहार की। यह रेफरेंस सिविल कोर्ट में वर्तमान में लंबित है। वहीं संबंधित खातेदारों ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोसायटी को ही मुआवजे का हकदार बताया। रेफरेंस लंबित होने के कारण यूडीएच ने मुआवजा राशि अदालत में जमा कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिना जांच पट्टे जारी करने के दिए थे आदेश

Filed the complaint in the land scam against IAS
परिवाद में कहा गया कि वर्ष 2013 में आवासन मंडल चेयरमैन मोरदिया ने इस भूमि के खातेदारों से 25 प्रतिशत भूमि आवंटित करने का प्रार्थना पत्र पेश कराया और स्वयं की अध्यक्षता में ही समझौता समिति ने 13 हजार 281 वर्गमीटर विकसित भूमि आवेदकों को आवंटित करने का निर्णय कर प्रकरण को सरकार के पास भिजवा दिया। इस पर तत्कालीन आवासन आयुक्त ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए जांच के लिए लिखा, लेकिन तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव संधू ने बिना जांच के इस भूमि के पट्टे जारी करने के आदेश दिए।

इसी दौरान डीबी गुप्ता को यूडीएच का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया। परिवाद में कहा गया कि डीबी गुप्ता ने पूर्व में जारी पट्टे को निरस्त करने के बजाए मिलीभगत कर 8 हजार 213 वर्गमीटर भूमि अशोक शर्मा को आवंटित करवा दी।

परिवाद में कहा गया कि मुआवजे का भुगतान होने के बाद भी षड्यंत्र कर सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। परिवाद पर अदालत 6 जुलाई को सुनवाई करेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed