फेसबुक फ्रेंड से मिलने 1800 km दूर से आई नाबालिग, आॅटो वाला बना मददगार
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हालांकि जयपुर के आॅटो चालक रामकेश की सूझबूझ ने नाबालिग को गलत हाथों में जाने से बचा लिया गया। दरअसल नाबालिग की दोस्ती निखिल से करीब एक वर्ष पूर्व फेसबुक पर हुई। इसके बाद वह दोनों मोबाइल पर भी बात करने लगे। कुछ दिन पूर्व निखिल ने नाबालिग लड़की को मिलने के लिए जयपुर बुलाया।
नाबलिग बीते 12 सितंबर को ट्रेन से जयपुर पहुंच गई। जब वह स्टेशन से बाहर निकली तो आगरा रोड निवासी आॅटो चालक रामकेश ने उससे पूछा कि उसे कहां जाना है। लेकिन वह सही से जवाब नहीं दे सकी।
इसके बाद रामकेश ने नाबालिग से बार-बार पूछा तो उसने बताया कि वह अपने दोस्त से मिलने आई है, जो कल भटिंडा से आने वाला है। लेकिन वह कहां जाए यह उसे समझ नहीं आ रहा।
भाग खड़ा हुआ युवक
नाबालिग को परेशानी में देख रामकेश उसे अपने घर ले गया। जहां रामकेश की पत्नी ने नाबालिग को बिना बताए उसके बैग से मोबाइल निकालकर उसके परिजनों को फोन कर दिया। इसके बाद अगले दिन निखिल अपने पांच दोस्तों के साथ जयपुर आ गया।
वहीं रामकेश को निखिल पर शक हुआ और तो उसने निखिल को लड़की से मिलने के लिए गांधीनगर महिला थाने बुलाया। लेकिन निखिल वहां नहीं आया। इसके बाद रामकेश नाबालिग को लेकर गांधीनगर स्थित ही वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर फॉर चाइल्ड लेकर गया। लेकिन निखिल वहां भी नही आया।
इसके बाद गुरुवार को नाबालिग लड़की के माता पिता जयपुर पहुंच और बाल कल्याण समिति की कार्रवाई पूरी कर लड़की को ले गए।