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Doctor's Strike: एक मांग पूरी, विवादित अफसर को हटाया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 20 Dec 2017 08:07 PM IST
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Doctor
- फोटो : Demo pic
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राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल आज पांचवें दिन भी जारी रही। इस बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में पदस्थापित एक विवादित आरएएस अफसर को हटा दिया है।
पिछली हड़ताल के दौरान राज्य सरकार और सेवारत चिकित्सा संघ के बीच हुए समझौते में एक मुख्य मांग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पदस्थापित आरएएस डॉ. गिरीश पाराशर को हटाने की भी थी। डॉ. पाराशर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के पद पर पदस्थापित थे। उनके पद का कार्यभार डॉ. राधेश्याम सीपी को सौंपा है।
सेवारत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने इस पद पर मेडिकल सेवा से जुड़े किसी डॉक्टर को पदस्थापित करने की मांग करते हुए आरएएस डॉक्टर गिरीश पाराशर को हटाने की मांग की थी। साथ ही डॉ. गिरीश पाराशर पिछले दिनों सेवारत चिकित्सा संघ से जुड़ी एक महिला डॉक्टर के साथ कथित बदसलूकी के चलते भी विवाद में आए थे।
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पिछली हड़ताल के दौरान राज्य सरकार और सेवारत चिकित्सा संघ के बीच हुए समझौते में एक मुख्य मांग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पदस्थापित आरएएस डॉ. गिरीश पाराशर को हटाने की भी थी। डॉ. पाराशर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के पद पर पदस्थापित थे। उनके पद का कार्यभार डॉ. राधेश्याम सीपी को सौंपा है।
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सेवारत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने इस पद पर मेडिकल सेवा से जुड़े किसी डॉक्टर को पदस्थापित करने की मांग करते हुए आरएएस डॉक्टर गिरीश पाराशर को हटाने की मांग की थी। साथ ही डॉ. गिरीश पाराशर पिछले दिनों सेवारत चिकित्सा संघ से जुड़ी एक महिला डॉक्टर के साथ कथित बदसलूकी के चलते भी विवाद में आए थे।
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एडिशनल सीएमएचओ ने MP बनकर धमकाया था
doctor arrested
- फोटो : Demo pic
इसके बाद भरतपुर में तैनात अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनीष चौधरी ने आरएएस गिरीश पाराशर को फोन कर खुद को सांसद बताते हुए अभद्र व्यवहार कर धमकाया था। तब गिरीश पाराशर ने अशोक नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।
इस पर पुलिस ने डॉक्टर मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पिछले दिनों डॉक्टर मनीष को जमानत मिलने पर वह बाहर आए। इससे पहले सेवारत चिकित्सा संघ से जुड़े सरकारी डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवा चरमरा गई थी।
रेस्मा एक्ट के तहत करीब 65 से ज्यादा डॉक्टर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के डर से डॉक्टर भूमिगत हो गए। इसी बीच आज राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने भी जल्द सेवारत चिकित्सा संघ की न्यायोचित मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन में शामिल होने की चेतावनी दी।
इस पर पुलिस ने डॉक्टर मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पिछले दिनों डॉक्टर मनीष को जमानत मिलने पर वह बाहर आए। इससे पहले सेवारत चिकित्सा संघ से जुड़े सरकारी डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवा चरमरा गई थी।
रेस्मा एक्ट के तहत करीब 65 से ज्यादा डॉक्टर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के डर से डॉक्टर भूमिगत हो गए। इसी बीच आज राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने भी जल्द सेवारत चिकित्सा संघ की न्यायोचित मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन में शामिल होने की चेतावनी दी।
अदालत भी दे चुकी हैं ये आदेश
अदालत।
- फोटो : amar ujala
एक दिन पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट ने हड़ताल पर चल रहे सरकारी डॉक्टरों को आदेश दिए थे कि वे तुरंत काम पर लौट आएं। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को भी आदेश दिए है कि जो डॉक्टर काम पर लौटें उन्हें गिरफ्तार न किया जाए।
सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल मामले में वकील डॉ. अभिनव शर्मा के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सीजे प्रदीप नंद्राजोग की खण्डपीठ ने यह आदेश दिया था। जिसमें हड़ताल पर गए डॉक्टरों पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
वहीं सेवारत चिकित्सक संघ के अधिवक्ता डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि चिकित्सक हाईकोर्ट के आदेश से काम पर लौटने के लिए तैयार हैं। लेकिन सरकार इन डॉक्टर्स को गिरफ्तारी का डर ना दिखाएं। साथ ही गिरफ्तार डॉक्टर्स के जमानती बांड स्वीकार करें।
सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल मामले में वकील डॉ. अभिनव शर्मा के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सीजे प्रदीप नंद्राजोग की खण्डपीठ ने यह आदेश दिया था। जिसमें हड़ताल पर गए डॉक्टरों पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
वहीं सेवारत चिकित्सक संघ के अधिवक्ता डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि चिकित्सक हाईकोर्ट के आदेश से काम पर लौटने के लिए तैयार हैं। लेकिन सरकार इन डॉक्टर्स को गिरफ्तारी का डर ना दिखाएं। साथ ही गिरफ्तार डॉक्टर्स के जमानती बांड स्वीकार करें।