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राजस्थान में भी प्रारंभ होगी सरस्वती नदी की खोज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 23 Mar 2017 02:50 PM IST
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सुरेन्द्र गोयल
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राजस्थान सरकार जल्द ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी की खोज प्रारंभ करेगी। इसके लिए सरकार की ओर से प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट को केन्द्र सरकार के पास भिजवाया गया है।
केन्द्र की ओर से हरी झंडी मिलते है इस प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह जानकारी राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने विधानसभा में दी। उन्होंने बताया कि कि प्रोजेक्ट पर करीब 68 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
कई संस्थाओं की रिपोर्ट से मिली जानकारी
मंत्री सुरेन्द्र गोयल के अनुसार इस प्रचीन और विलुप्त हो चुकी नदी के बारें में कई संस्थाओं ने शोध के बाद जानकारी दी हैं। उन्होंने बताया कि कई रिपोर्ट बताती है कि यह नदी राजस्थान के कुछ हिस्से से होकर बहती थी। जिसमें टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सूरतगढ़, अनूपगढ़, तानोट व बारमेर सम्मलित है। इन्हीं क्षेत्रों से होते हुए इस नदी का प्रवाह गुजरात के कच्छ तक माना जाता है।
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गौरतलब है कि देश में हरियाणा सहित अन्य कई स्थानों पर भी सरस्वती नदी से सबंधित अवशेष मिले हैं। जिन पर कई संस्थाएं कार्य कर रही है।
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केन्द्र की ओर से हरी झंडी मिलते है इस प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह जानकारी राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने विधानसभा में दी। उन्होंने बताया कि कि प्रोजेक्ट पर करीब 68 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
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कई संस्थाओं की रिपोर्ट से मिली जानकारी
मंत्री सुरेन्द्र गोयल के अनुसार इस प्रचीन और विलुप्त हो चुकी नदी के बारें में कई संस्थाओं ने शोध के बाद जानकारी दी हैं। उन्होंने बताया कि कई रिपोर्ट बताती है कि यह नदी राजस्थान के कुछ हिस्से से होकर बहती थी। जिसमें टिब्बी, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, सूरतगढ़, अनूपगढ़, तानोट व बारमेर सम्मलित है। इन्हीं क्षेत्रों से होते हुए इस नदी का प्रवाह गुजरात के कच्छ तक माना जाता है।
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गौरतलब है कि देश में हरियाणा सहित अन्य कई स्थानों पर भी सरस्वती नदी से सबंधित अवशेष मिले हैं। जिन पर कई संस्थाएं कार्य कर रही है।