Rajasthan: प्रदेश में बनेगा शांति और अहिंसा विभाग, गांधी से युवा प्रेरित हो, इसके लिए किए जाएंगे ये प्रयास
राज्यपाल कलराज मिश्र ने शांति और अहिंसा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये विभाग युवाओं को महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े घटनाक्रम को पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
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गहलोत सरकार शांति और अहिंसा विभाग का गठन करने जा रही है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सीएम गहलोत ने अपने बजट भाषण में अलग से इसकी घोषणा की थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने रविवार को कहा कि हमारा राज्य पहला राज्य है, जिसने शांति और अंहिसा का विभाग बनाया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पिछले दिनों कैबिनेट में प्रदेश में शांति और अहिंसा विभाग के गठन के प्रस्ताव को पास किया गया था। कैबिनेट में प्रस्ताव तैयार किया गया। फिर राज्यपाल कलराज मिश्र के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था।
बता दें कि राज्य में इससे पहले शांति और अहिंसा निदेशालय खोला जा चुका है लेकिन अब अलग से मंत्रालय भी बनेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने इसको लेकर कहा कि मौजूदा दौर में युवाओं को गांधी के विचारों से अधिक से अधिक जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए राजस्थान सरकार शांति और अहिंसा विभाग अलग से विभाग बना रही है।
क्या होगा विभाग का काम
विभाग का उद्देश्य है कि युवाओं को महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े घटनाक्रम को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए गांधी के जीवन दर्शन को लेकर चित्र प्रदर्शन लगाने और उनसे जुड़े साहित्य का प्रकाशन किया जाएगा स्कूली बच्चों को बापू के जीवन से रूबरू कराने के लिए अन्य प्रदेशों में भी ले जाया जाएगा। इसके साथ ही शांति और अहिंसा विभाग दलितों के उत्थान के लिए काम भी करेगा।