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डेंगू का डंक : कोचिंग सिटी में रहने वाले 150 स्टूडेंट्स की उड़ी नींद
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 01 Sep 2017 04:00 PM IST
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अस्पताल में भर्ती स्टूडेंट
- फोटो : amar ujala
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स्वाइन फ्लू के साथ-साथ अब डेंगू के डंक ने लोगों की नींद उड़ा दी है। यहां मामला कोचिंग सिटी से जुड़ा हुआ है।
राजस्थान में कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में इन दिनों स्वाइन फ्लू और डेंगू ने स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। आए दिन स्टूडेंट साधारण खासी-जुकाम के चलते अस्पताल में पहुंच रहे हैं और यहां उन्हें पता लग रहा है कि वे तो डेंगू से पीड़ित हैं। ऐसे हालात में पढ़ाई का नुकसान होने के साथ-साथ बीमारी की चिंता ने स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। यहां करीब 150 से अधिक स्टूडेंट्स में डेंगू जैसे लक्षण पाए गए हैं। जिसके बाद डॉक्टरों के यहां भीड़ उमड़ पड़ी है।
हालांकि, चिकित्सा विभाग ने इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के डेगूं पॉजीटिव होने की पुष्टि नही की है। उधर, एहतियातन साधारण बुखार से पीड़ित स्टूडेंट्स भी यहां डेंगू की जांच करवा रहे हैं और उपचार ले रहे हैं। डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा कोचिंग क्षेत्र तलवंडी और इन्द्र विहार में देखा जा रहा है।
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राजस्थान में कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में इन दिनों स्वाइन फ्लू और डेंगू ने स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। आए दिन स्टूडेंट साधारण खासी-जुकाम के चलते अस्पताल में पहुंच रहे हैं और यहां उन्हें पता लग रहा है कि वे तो डेंगू से पीड़ित हैं। ऐसे हालात में पढ़ाई का नुकसान होने के साथ-साथ बीमारी की चिंता ने स्टूडेंट्स को परेशान कर दिया है। यहां करीब 150 से अधिक स्टूडेंट्स में डेंगू जैसे लक्षण पाए गए हैं। जिसके बाद डॉक्टरों के यहां भीड़ उमड़ पड़ी है।
हालांकि, चिकित्सा विभाग ने इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के डेगूं पॉजीटिव होने की पुष्टि नही की है। उधर, एहतियातन साधारण बुखार से पीड़ित स्टूडेंट्स भी यहां डेंगू की जांच करवा रहे हैं और उपचार ले रहे हैं। डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा कोचिंग क्षेत्र तलवंडी और इन्द्र विहार में देखा जा रहा है।
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इस सीजन में एक दर्जन मौत
अस्पताल में इलाज के लिए आए स्टूडेंट्स
- फोटो : amar ujala
कोटा में डेंगू और स्वाइन फ्लू का कहर इस कदर जारी है कि इस सीजन में एक दर्जन से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। डेंगू के इस साल यहां अब तक करीब 230 मरीज चपेट में आ चुके हैं जिनकी पुष्टि स्वयं चिकित्सा विभाग कर चुका है। यहां स्थित एक बड़े निजी अस्पताल के निदेशक राजेन्द्र अग्रवाल के मुताबिक करीब आधा दर्जन निजी चिकित्सालयों में प्रतिदिन दो दर्जन कोचिंग छात्र सर्दी-बुखार से पीड़ित होकर आ रहे हैं। अधिकाश छात्रों के परिजन कोटा में नहीं होने के कारण उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि कोचिंग सिटी कहे जाने वाले कोटा में हर साल करीब दो लाख बच्चे देश के दूरदराज के इलाकों से कोचिंग लेने के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां स्वाइन फ्लू और डेंगू की रोकथाम के लिए केवल सरकारी दावे ही किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थित इसके उलट दिख रही है।
गौरतलब है कि कोचिंग सिटी कहे जाने वाले कोटा में हर साल करीब दो लाख बच्चे देश के दूरदराज के इलाकों से कोचिंग लेने के लिए आते हैं। इसके बावजूद यहां स्वाइन फ्लू और डेंगू की रोकथाम के लिए केवल सरकारी दावे ही किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थित इसके उलट दिख रही है।