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इस चिटफंड कम्पनी ने 200 से ज्यादा लोगों से ठगे 1 करोड़, दूसरा डायरेक्टर भी गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 01 Dec 2017 04:16 PM IST
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पैसों की बचत कर सुरक्षित व उचित ब्याज दर दिलवाने का झांसा देकर एक चिटफंड कंपनी ने बंगाली समुदाय के 200 से ज्यादा लोगों से करीब एक करोड़ रुपए हड़प लिए। मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कंपनी के दूसरे डायरेक्टर को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई की है जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की अशोक नगर थाना पुलिस ने। डीसीपी साउथ योगेश दाधीच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भास्कर लहरी उम्र 41 साल निवासी 26/1 भट्टाचार्य पाड़ालेन शिबपुर थाना चटर्जी हाट जिला हावड़ा (पश्चिम बंगाल) है। उसे गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर जयपुर लाया गया। भास्कर लहरी के खिलाफ अशोक नगर थाना, जयपुर में 16 मुकदमे दर्ज है।
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यह कार्रवाई की है जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की अशोक नगर थाना पुलिस ने। डीसीपी साउथ योगेश दाधीच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भास्कर लहरी उम्र 41 साल निवासी 26/1 भट्टाचार्य पाड़ालेन शिबपुर थाना चटर्जी हाट जिला हावड़ा (पश्चिम बंगाल) है। उसे गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर जयपुर लाया गया। भास्कर लहरी के खिलाफ अशोक नगर थाना, जयपुर में 16 मुकदमे दर्ज है।
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पैसों की बचत कर सुरक्षित व उचित ब्याज दर दिलवाने का झांसा दिया गया
Fraud
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डीसीपी योगेश दाधीच ने बताया कि पिछले साल 9 मार्च को शिव कॉलोनी सुशीलपुरा, अजमेर रोड, सोडाला निवासी परिवादी महादेव अधिकारी ने मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि भास्कर लहरी और उसके कई परिचितों ने मिलकर अलग-अलग नाम से कम्पनी बनाई। इन कंपनियों के नाम (1) Hollyhock Wealth Advisory India LTD. (2) Hollyhock Touriam Pvt. Ltd. (3.) Fruition Mutual Benefit Finacial Company Ltd है। कंपनी के डायरेक्टर्स ने जयपुर में भी सी -स्कीम, अशोक नगर में अपना ब्रांच ऑफिस खोला।
आरोपियों ने जयपुर में बंगाली समुदाय के अनपढ और कम पढ़े लिखे मजदूरों का अपना निशाना बनाया। अपनेपन का दिखावा करते हुए बंगाली समुदाय के लोगों से निवेश करवाया। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में जमा राशि समय पर लौटाई गई।
बाद में अभियुक्तों ने जमा राशि की एवज में फर्जी रसीदें, सर्टिफिकेट व पास बुक जारी की और उनके असली होने का विश्वास दिलाकर ठगी की गई। परिवादी महादेव अधिकारी से भी पैसा लेकर उसकी एवज में प्रमाण पत्र रसीद, पासबुक जारी की और बाद में परिवादी व उसके साथियों का पैसा लेकर फरार हो गए।
आरोपियों ने जयपुर में बंगाली समुदाय के अनपढ और कम पढ़े लिखे मजदूरों का अपना निशाना बनाया। अपनेपन का दिखावा करते हुए बंगाली समुदाय के लोगों से निवेश करवाया। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में जमा राशि समय पर लौटाई गई।
बाद में अभियुक्तों ने जमा राशि की एवज में फर्जी रसीदें, सर्टिफिकेट व पास बुक जारी की और उनके असली होने का विश्वास दिलाकर ठगी की गई। परिवादी महादेव अधिकारी से भी पैसा लेकर उसकी एवज में प्रमाण पत्र रसीद, पासबुक जारी की और बाद में परिवादी व उसके साथियों का पैसा लेकर फरार हो गए।
पश्चिम बंगाल में मोबाइल फोन से पुलिस ने यूं बिछाया जाल
मोबाइल ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया
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पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच सबइंस्पेक्टर गीता चौधरी को सौंपी। इस दौरान सामने आया कि कम्पनियों के जरिए 227 लोगों से करीब एक करोड़ की ठगी की गई है। पुलिस ने कंपनी के एक डायरेक्टर सुभ्रतोदास को गिरफ्तार कर चालान पेश किया।
वहीं, आरोपी निदेशक दीपान्दिता दास व भास्कर लहरी एवं अन्य के खिलाफ अनुसंधान पैण्डिंग रखा। इसके बाद सबइंस्पेक्टर रामजी लाल के नेतृत्व में आरोपी दीपान्दिता दास व भास्कर लहरी की तलाश में पुलिस टीमें कई बार हावड़ा (पश्चिम बंगाल) भेजी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
तब अशोक नगर थानाप्रभारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा के के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल एसआई रामजीलाल व कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण 22 नवंबर को हावड़ा, पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए। वहां घर से फरार आरोपी भास्कर लहरी के खड़गपुर में होने की जानकारी मिली। तब मोबाइल ट्रेस कर पीछा करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और ट्रांजिट रिमाण्ड पर जयपुर ले आई।
वहीं, आरोपी निदेशक दीपान्दिता दास व भास्कर लहरी एवं अन्य के खिलाफ अनुसंधान पैण्डिंग रखा। इसके बाद सबइंस्पेक्टर रामजी लाल के नेतृत्व में आरोपी दीपान्दिता दास व भास्कर लहरी की तलाश में पुलिस टीमें कई बार हावड़ा (पश्चिम बंगाल) भेजी गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
तब अशोक नगर थानाप्रभारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा के के नेतृत्व में गठित टीम में शामिल एसआई रामजीलाल व कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण 22 नवंबर को हावड़ा, पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए। वहां घर से फरार आरोपी भास्कर लहरी के खड़गपुर में होने की जानकारी मिली। तब मोबाइल ट्रेस कर पीछा करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और ट्रांजिट रिमाण्ड पर जयपुर ले आई।