{"_id":"58fa07b64f1c1ba57a8b4877","slug":"two-doctors-trap-by-acb-in-rajasthan","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो डॉक्टर गिरफ्तार: एक ने डिलेवरी और दूसरे ने सर्टिफिकेट के लिए मांगी थी रिश्वत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो डॉक्टर गिरफ्तार: एक ने डिलेवरी और दूसरे ने सर्टिफिकेट के लिए मांगी थी रिश्वत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 06:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को जालौर और भीलवाड़ा में कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
पहला मामला जालौर से जुड़ा है जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने डॉ.टीकमचंद खींची को 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। ब्यूरो के महानिरीक्षक वी.के. सिंह ने बताया कि जालौर के सांसियों का बास के रहने वाले नटवर ने 17 अप्रैल को लिखित में शिकायत दी थी। इसमे उसने बताया था कि मेरा भाई सुरपाल मजदूरी का कार्य करता है। ऐसे में उसे सिलिकोसिस की बीमारी है। सिलिकोसिस बीमारी का प्रमाण—पत्र लेने हेतु उसने आवेदन किया हुआ है, लेकिन प्रमाण—पत्र जारी करने वाले बोर्ड के सदस्य डॉ.टीकमचंद खींची द्वारा मुझसे 2000 रुपए की मांग की जा रही है। उसका भाई डॉ.टीकमचंद को 1000 रुपए दे भी चुका है। इस पर ब्यूरो जालोर की टीम द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर डॉ.टीकमचंद खींची को 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
उधर, दूसरा मामला भीलवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से जुड़ा है। यहां के डॉ. अन्सार खान को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने 2000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। झालावाड़ जिले के मंगलपुर के रहने वाले डॉ. अन्सार खान ने एक महिला मरीज का प्रसव कराने के लिए उसके पति से रुपयों की मांग की थी। ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी संजय सिंधी ने एसीबी कार्यालय में यह शिकायत दी थी कि डॉ.अन्सार खान उसकी पत्नी का इलाज और प्रसव कराने के लिए 2000 रुपए की मांग कर रहा है। इस पर शिकायत का सत्यापन करने के बाद ब्यूरो टीम ने डॉ. अन्सार खान को 2000 रुपए लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पहला मामला जालौर से जुड़ा है जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने डॉ.टीकमचंद खींची को 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। ब्यूरो के महानिरीक्षक वी.के. सिंह ने बताया कि जालौर के सांसियों का बास के रहने वाले नटवर ने 17 अप्रैल को लिखित में शिकायत दी थी। इसमे उसने बताया था कि मेरा भाई सुरपाल मजदूरी का कार्य करता है। ऐसे में उसे सिलिकोसिस की बीमारी है। सिलिकोसिस बीमारी का प्रमाण—पत्र लेने हेतु उसने आवेदन किया हुआ है, लेकिन प्रमाण—पत्र जारी करने वाले बोर्ड के सदस्य डॉ.टीकमचंद खींची द्वारा मुझसे 2000 रुपए की मांग की जा रही है। उसका भाई डॉ.टीकमचंद को 1000 रुपए दे भी चुका है। इस पर ब्यूरो जालोर की टीम द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर डॉ.टीकमचंद खींची को 500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
उधर, दूसरा मामला भीलवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से जुड़ा है। यहां के डॉ. अन्सार खान को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने 2000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। झालावाड़ जिले के मंगलपुर के रहने वाले डॉ. अन्सार खान ने एक महिला मरीज का प्रसव कराने के लिए उसके पति से रुपयों की मांग की थी। ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी संजय सिंधी ने एसीबी कार्यालय में यह शिकायत दी थी कि डॉ.अन्सार खान उसकी पत्नी का इलाज और प्रसव कराने के लिए 2000 रुपए की मांग कर रहा है। इस पर शिकायत का सत्यापन करने के बाद ब्यूरो टीम ने डॉ. अन्सार खान को 2000 रुपए लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन