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रातों-रात अमीर बनने को इन युवतियों ने अपनाया रेप ब्लैकमेलिंग का शार्टकट

Wed, 17 May 2017 11:52 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 17 May 2017 11:52 AM IST
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The story of the three women of Rap Blackmailing gang
हाई प्रोफाइल रेप मामले की आरोपी एनआरआई रवलीन कौर - फोटो : अमर उजाला
जयपुर का बहुचर्चित हाई प्रोफाइल रेप ब्लैकमेलिंग मामला यहां फिर सुर्खियों में है। एसओजी ने दो दिन में इस गैंग में शामिल दो युवतियों को धर लिया है। इस मामले में अब तक एक एनआरआई युवती सहित तीन युवतियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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एसओजी ने एक दिन पूर्व मुम्बई में डीजे शिखा तिवाड़ी को पकड़ा, तो दूसरी आकांक्षा को मंगलवार को ही अजमेर से धरा है। इससे पहले गत जनवरी में एक एनआरआई युवती रवलीन कौर को कोटा से पकड़ा था। इन तीनों युवतियों की कहानी बड़ी रोचक है। गैरतलब है एसओजी द्वारा दिसम्बर 2016 में बलात्कार की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। जिसमें अभी तक 32 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। सूत्रों ने बताया कि युवतियों से पूछताछ के बाद गिरफ्तारियां और हो सकती हैं।
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मामले की जांच जोर-शोर से चल रही है। पिछले वर्ष अंत में खुले हाई प्रोफाइल रेप मामले ने सभी को चौंका दिया था। माना जा रहा है इस गैंग ने अमीरों को ब्लैकमेल कर 40 करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। इनके निशाने पर बिल्डर, होटल मालिक, रिसोर्ट मालिक, डॉक्टर, सीए, इंजीनियर, फैक्ट्री मालिक, रेस्त्रा मालिक अदी पैसे वाले लोग रहते थे।
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फिल्मी कहानी है इस एनआरआई युवती की

The story of the three women of Rap Blackmailing gang
रवलीन कौर - फोटो : अमर उजाला
साजिश कर अमीरों से शारीरिक संबंध बनवाकर उन्हें रेप मामले में फंसाने के आरोप में ब्लैकमेल कर करोड़ों वसूलनेवाले ब्लैकमेल गैंग में शामिल एनआरआई युवती का जीवन बिलकुल फिल्मी है। एनआरआई युवती 26 वर्षीय रवनीत कौर ने करीब सात प्रतिष्ठित लोगों से संबंध बनाए और ब्लैकमेलिंग के जरिए गैंग के साथ मिलकर चार करोड़ रुपए वसुले। वसूली का रवनीत को 35 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। वह करीब तीन वर्ष तक इस गैंग का हिस्सा रही, लेकिन शादी के बाद उसने गैंग से ताल्लुक तोड़ लिया। अपनी लव मैरिज के बाद रवनीत करीब एक वर्ष से कोटा के एक कोचिंग स्थान में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी कर रही थी। एसओजी ने उसे कोटा से गिरफ्तार किया था।

रवनीत का जन्म हांगकांग में हुआ। उसके व्यवसायी पिता ने वहां भारतीय मूल की महिला से शादी की। वर्ष 2008 से वह हांगकांग से भारत लौटकर पंजाब के फरीदकोट में अपनी दादी के साथ रहने लगी। उसने इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट में एक वर्ष का डिप्लोमा किया, फिर वर्ष 2009 से वह गुड़गांव में अपनी दोस्त के घर रही। इसके बाद वर्ष 2012 में वह जयपुर में एक निजी यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई करने लगी।

रवलीन ने जयपुर के एक नामी बिल्डर को पहला शिकार बनाया। जहां उससे दोस्ती बढ़ाकर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद गैंग ने बिल्डर को रेप में फंसाने का कहकर ब्लैकमेल किया और 1.20 करोड़ रुपए मांगे। बिल्डर ने 35 लाख रुपए देकर पीछा छुड़ाया। इसके बाद रिसोर्ट मालिक से 35 लाख वसूले। डॉक्टर्स-इंजीनियर्स सहित रवलीन ने सात को शिकार बनाया।

ब्लैकमेलिंग से पैसे बनाकर पहुंची मुम्बई, बनी डीजे

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शिखा तिवाड़ी - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर को ब्लैकमेलिंग का शिकार बना कर एक करोड़ रुपए वसूलने वाली युवती को एसओजी ने एक दिन पूर्व ही मुंबई से गिरफ्तार किया। 21 वर्षीया गिरफ्तार आरोपी शिखा तिवाड़ी उर्फ अंकिता उर्फ डीजे अदा है। शिखा मूलतः जयपुर में ब्रह्मपुरी स्थित सीताराम बाजार की निवासी है, लेकिन ब्लैकमेलिंग से पैसे बनाकर वह मुम्बई के लोखण्डवाला, अंधेरी वेस्ट में रह रही थी।

आरोपी शिखा तिवाड़ी दिसम्बर 2016 से फरार चल रही थी। शिखा ने जयपुर के वैशाली नगर में मेडिस्पा के नाम से हेयर ट्रांसप्लांट का क्लिनिक चलाने वाले डॉ. सुनीत सोनी को निशाना बनाया। वह हेयर ट्रीटमेंट करवाने के बहाने डॉक्टर सुनीत से मिली और खुद को डिप्रेशन में बताया। शिखा ने डॉ. सुनीत सोनी पर पुष्कर साथ चलने का दबाव डाला। डॉ. सुनीत से पुष्कर में एक रिसोर्ट में कमरा बुक करवा दिया। शिखा द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देकर एक करोड़ रुपए मांगे गए।

डॉ. सुनीत ने रुपए देने से इंकार कर दिया तो गिरोह के सरगना वकील नवीन देवानी, नितेशबंधु शर्मा व गिरोह के अन्य सदस्यों ने शिखा के जरिए डॉ. सुनीत के विरुद्ध थाना पुष्कर में बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवा दिया। समझौते के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये लेकर शिखा से कोर्ट में पक्षद्रोही बयान करवाए। डॉ. सुनीत को बलात्कार के एक झूठे मुकदमे में 78 दिन तक जेल में रहना पड़ा।

वारदात के बाद शिखा तिवाडी जयपुर छोड़कर मुम्बई चली गई। वहां उसने डीजे अदा के नाम से म्यूजिकल ग्रुप बना लिया और बड़ी होटलों में अपने प्रोग्राम करने लगी। इसका पता चलने पर एडिशनल एसपी करण शर्मा व इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम गठित की गई और शिखा को एक होटल से एसआई मोहन लाल व कांस्टेबल सुनीता वर्मा ने प्रोग्राम के दौरान धरदबोचा।

ये गैंग के लिए ढूढती थी नई नई युवतियां

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आकांक्षा - फोटो : अमर उजाला
अंतराज्यीय ब्लैकमेलर गिरोह में नामजद एक और फरार युवती आकांक्षा को एसओजी ने अजमेर से पकड़ा। वह गिरफ्तार आरोपी फर्जी मी​डियाकर्मी बने अक्षत शर्मा की नजदीकी बताई जा रही है। आरोप है कि ये गैंग के लिए नई नई युवतियां ढूढती थी। रवलीन और शिखा को आकांक्षा ने ही गैंग से मिलवाया था और इन्हें इस काम के लिए तैयार भी किया था। पुलिस जांच के अनुसार आकांक्षा का काम बयान देना भी था। बताया जा रहा है कि एसओजी इस गिरोह में शामिल आरोपी शिखा तिवाड़ी उर्फ डीजे अदा को भी आकांक्षा से आमने सामने करवाएगी। ताकि और भी खुलासे हो सके।
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