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गैंगस्टर आनंदपाल का महिमामंडन करने वालों को पुलिस ने दिया जवाब और पूछे ये सवाल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 29 Jun 2017 04:27 PM IST
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आनंदपाल के समर्थन में उतरे लोगों की भीड़
- फोटो : Vishnu Sharma
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गैंगस्टर आनंदपाल के एनकांउटर के बाद से ही एक पक्ष एनकाउंटर पर खुलकर विरोध में सामने आ गया है और सोशल मीडिया पर उसका महिमामंडन कर रहा है। ऐसे ही लोगों के खिलाफ पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों को जवाब देते हुए एक अहम सवाल पूछा है कि आनंदपाल का महिमामंडन कर आप अपने बच्चों को विख्यात बनाना चाहते हो या कुख्यात?
आगे राजस्थान पुलिस ने लिखा है कि हत्या के प्रकरण में आनन्दपाल का भाई मनजीत सिंह 2006 से जेल में था दूसरा भाई विक्की और स्वयं आनंदपाल भी फरार था। परिवार में प्रत्यक्ष कमाने वाला कोई भी नहीं था।
फिर भी आनन्दपाल की एक बेटी 20 लाख रुपये देकर विदेश में इंजीनियरिंग कर रही है और दूसरी लड़की महाराष्ट्र में महंंगे स्कूल में पढ़ रही है एवं उसे महंगा शूटिंग फायरिंग का शौक भी हैं। आनन्दपाल का बेटा भी अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है। जयपुर के पॉश इलाके में 2 बीएचके के दो फ्लैट है।
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इनमें प्रत्येक 60 लाख से ऊपर की कीमत का है। लगभग 370 बीघा जमीन पुलिस द्वारा कुर्क की गयी या स्वयं द्वारा सरेंडर की गई। कुचामन, जयपुर, हनुमानगढ, सीकर एवं चूरू में इसकी स्थाई सम्पतियां और भी है। मकराना बिजोलिया में माइंस है। इसके अतिरिक्त और भी बेनामी सम्पतियां हैं।
पुलिस ने जनता से पूछा है कि क्या आपने कभी सोचा कि यह सम्पतियां आनन्दपाल ने कैसे अर्जित की। क्या हम अपने बच्चों को यही सिखाएंगे। उन्हें कुख्यात बनाएंगे या विख्यात बनाएंगे, यह हम सबके सोचने की बात है।
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आगे राजस्थान पुलिस ने लिखा है कि हत्या के प्रकरण में आनन्दपाल का भाई मनजीत सिंह 2006 से जेल में था दूसरा भाई विक्की और स्वयं आनंदपाल भी फरार था। परिवार में प्रत्यक्ष कमाने वाला कोई भी नहीं था।
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फिर भी आनन्दपाल की एक बेटी 20 लाख रुपये देकर विदेश में इंजीनियरिंग कर रही है और दूसरी लड़की महाराष्ट्र में महंंगे स्कूल में पढ़ रही है एवं उसे महंगा शूटिंग फायरिंग का शौक भी हैं। आनन्दपाल का बेटा भी अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है। जयपुर के पॉश इलाके में 2 बीएचके के दो फ्लैट है।
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इनमें प्रत्येक 60 लाख से ऊपर की कीमत का है। लगभग 370 बीघा जमीन पुलिस द्वारा कुर्क की गयी या स्वयं द्वारा सरेंडर की गई। कुचामन, जयपुर, हनुमानगढ, सीकर एवं चूरू में इसकी स्थाई सम्पतियां और भी है। मकराना बिजोलिया में माइंस है। इसके अतिरिक्त और भी बेनामी सम्पतियां हैं।
पुलिस ने जनता से पूछा है कि क्या आपने कभी सोचा कि यह सम्पतियां आनन्दपाल ने कैसे अर्जित की। क्या हम अपने बच्चों को यही सिखाएंगे। उन्हें कुख्यात बनाएंगे या विख्यात बनाएंगे, यह हम सबके सोचने की बात है।
पुलिस बोली, ये बात भी जान लें आनन्दपाल के समर्थक
आनंदपाल सिंह का शव
- फोटो : amar ujala
राजस्थान पुलिस की ओर से सोशल मीडिया मैसेज में अपील की है कि आनन्दपाल का महिमामंडन कर रहे लोग इस और ध्यान दें कि 1992 से 2017 तक आनन्दपाल के कुल 37 मुकदमें हैं। जिनमें हत्या के मुकदमे छह, हत्या के प्रयास के आठ एवं लूट फिरौती, अपहरण के अन्य मुकदमे भी हैं।
उसके भाई विक्की के कुल 14 मुकदमे 2000 से 2017 तक में है, जिसमें हत्या के दो, हत्या के प्रयास के तीन, लूट-डकैती, अपहरण, फिरौती के सात मुकदमें हैं। इस तरह मनजीत के 1995 से 2014 तक कुल 19 मुकदमें है। जिनमें से पांच हत्या के, हत्या के प्रयास के तीन मुकदमें, लूट, फिरौती, अपहरण के तीन मुकदमें है। क्या हम अपने बच्चों को यही सिखाएंगे। उन्हें कुख्यात बनाएंगे या विख्यात बनाएंगे।
उसके भाई विक्की के कुल 14 मुकदमे 2000 से 2017 तक में है, जिसमें हत्या के दो, हत्या के प्रयास के तीन, लूट-डकैती, अपहरण, फिरौती के सात मुकदमें हैं। इस तरह मनजीत के 1995 से 2014 तक कुल 19 मुकदमें है। जिनमें से पांच हत्या के, हत्या के प्रयास के तीन मुकदमें, लूट, फिरौती, अपहरण के तीन मुकदमें है। क्या हम अपने बच्चों को यही सिखाएंगे। उन्हें कुख्यात बनाएंगे या विख्यात बनाएंगे।