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गैंगस्टर के एनकाउंटर के बाद उग्र हुआ राजपूत आंदोलन समाप्त

Tue, 18 Jul 2017 05:32 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 18 Jul 2017 05:32 PM IST
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Rajput agitation ends after anandpal ancounter
कुचामन सिटी नागौर का प्रदर्शन - फोटो : File photo
गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर मामले में सरकार से बातचीत के बाद राजपूत समाज ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। राजपूत समाज ने 22 जुलाई को प्रस्तावित जयपुर कूच भी वापस ले लिया। जानिए किन मुद्दों पर हुआ समझौता... 
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सचिवालय में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी और पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ तथा राजपूत समाज के नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक वार्ता चली। इसके बाद श्रीराजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने आंदोलन समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की। 
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लोटवाड़ा और इस मामले को लेकर बनी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही और और सरकार ने उनकी सभी सात मांगें मान ली। उन्होंने बताया कि आनंदपाल एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की उनकी प्रमुख मांग सरकार ने मान ली।
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सरकार इसके लिए सीबीआई से सिफारिश करेगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच करवाना या नहीं करवाना अब सीबीआई पर निर्भर करेगा।

ये है वे सात मांगें, जिन पर सरकार के साथ हुआ है समझौता

Rajput agitation ends after anandpal ancounter
राजपूत समाज के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा - फोटो : File photo
आनंदपाल एनकाउंटर की मांग सीबीआई से कराने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश करने समेत सात मांगों पर सहमति बनी है। 

दूसरी मांग, दुबई में रह रही आनंदपाल की बेटी चीनू के में लौटने पर गिरफ्तार नहीं करने की है। इस पर सरकार ने कहा कि उसके भारत आने में कोई परेशानी पैदा नहीं की जाएगी। 

तीसरी मांग, 12 जुलाई को सांवराद में उपद्रव में के दौरान फायरिंग मारे गए मालासर निवासी सुरेंद्र सिंह को आर्थिक मुआवजा और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग थी। इसे भी सरकार ने मान लिया। 

चौथी मांग, एनकाउंटर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल कमांडो सोहन सिंह को उसके परिजनों से मिलने देने की मांग को भी मान लिया। 

पांचवीं मांग, मालासर के श्रवण सिंह राजपूत और उसके परिजनों को नजरबंद नहीं करने का आश्वासन सरकार ने दिया। आनंदपाल का एनकाउंटर श्रवणसिंह के मकान में हुआ था। 

छठी मांग, इस आंदोलन के दौरान जो मुकदमें दर्ज हुए हैं उनमं द्वेषतापूर्वक कार्रवाई नहीं करने पर सहमति बनी। जिन्हें गिरफ्तार किया है, उनकी जमानत के लिए कोर्ट में सरकार ने सहयोग करने का भरोसा दिलाया है। 

सातवीं मांग, आनंदपाल के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट 24 घंटे में देने की बात मान ली। 

24 दिन चला आंदोलन और हुआ ये नुकसान

Rajput agitation ends after anandpal ancounter
हुंकार रैली में जुटे हजारों राजपूत - फोटो : Amar Ujala
चूरू के मालासर में 24 जून की रात आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर हुआ था और उसके बाद इस मामले की सीबीआई जांच को लेकर राजपूत समाज ने आंदोलन चला रखा था। एनकाउंटर की इस घटना के 24 वें दिन आखिर बात बनी। इस दौरान हिंसक प्रदर्शन भी हुआ। 

इस आंदोलन का सबसे हिंसक रूप 12 जुलाई को सांवराद में आयोजित आनंदपाल की श्रद्धांज​लि सभा के दौरान देखने को मिला। यहां भीड़ उग्र हो गई और जमकर उपद्रव हुआ। उपद्रवियों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। पटरियां उखाड़ दी और सांवराद रेलवे स्टेशन में आग लगा दी।

इसके बाद बेकाबू भीड़ ने नागौर एसपी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को जलाने का प्रयास किया और फायरिंग की गई। पुलिस को फायर करना पड़ा। इसमें प्रदर्शनकारी सोहन सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद सांवराद में कर्फ्यू लगाया गया। संघर्ष समिति ने 22 जुलाई को जयपुर कूच की चेतावनी दी। 
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