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10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया कॉन्स्टेबल, बिचौलिया बना वकील फरार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 09 Jan 2018 08:08 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज पुलिस कॉन्स्टेबल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस मामले में बिचौलिया बना आरोपी वकील मौका पा कर भाग गया।
एसीबी के एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में यह कार्रवाई राजस्थान के अजमेर शहर में हुई।जहां एसीबी के हत्थे चढ़ा पुलिस कॉन्स्टेबल निर्मल सिंह जिले के महिला थाना में पदस्थापित है। उसके खिलाफ किशनगढ़ निवासी रोहित कुमार ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसके खिलाफ पत्नी ने महिला थाने में दहेज केस दर्ज करवाया था। जिसमें उसकी मां व बहन को आरोपी बनाया गया था।
इस मुकदमे में परिवादी की मां और बहन का नाम हटाने की एवज में महिला थाने में तैनात कॉन्स्टेबल निर्मल कुमार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी के निरीक्षक ईस्माइल खान के नेतृत्व में ट्रेप रचा गया। एसीबी ने परिवादी को रुपए लेकर आज शाम को निर्मल सिंह के पास भेजा। जहां रिश्वत लेते एसीबी टीम ने आरोपी को धरदबोचा। उससे पूछताछ कर रही है।
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एसीबी के मुताबिक इस मामले में एडवोकेट मुकेश साहू की भूमिका बिचौलिए के रूप में सामने आई है। उसने पूर्व में परिवादी से चार हजार रुपए लिए थे। एसीबी की कार्रवाई को देख वह भाग गया।
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एसीबी के एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में यह कार्रवाई राजस्थान के अजमेर शहर में हुई।जहां एसीबी के हत्थे चढ़ा पुलिस कॉन्स्टेबल निर्मल सिंह जिले के महिला थाना में पदस्थापित है। उसके खिलाफ किशनगढ़ निवासी रोहित कुमार ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसके खिलाफ पत्नी ने महिला थाने में दहेज केस दर्ज करवाया था। जिसमें उसकी मां व बहन को आरोपी बनाया गया था।
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इस मुकदमे में परिवादी की मां और बहन का नाम हटाने की एवज में महिला थाने में तैनात कॉन्स्टेबल निर्मल कुमार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत का सत्यापन होने पर एसीबी के निरीक्षक ईस्माइल खान के नेतृत्व में ट्रेप रचा गया। एसीबी ने परिवादी को रुपए लेकर आज शाम को निर्मल सिंह के पास भेजा। जहां रिश्वत लेते एसीबी टीम ने आरोपी को धरदबोचा। उससे पूछताछ कर रही है।
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एसीबी के मुताबिक इस मामले में एडवोकेट मुकेश साहू की भूमिका बिचौलिए के रूप में सामने आई है। उसने पूर्व में परिवादी से चार हजार रुपए लिए थे। एसीबी की कार्रवाई को देख वह भाग गया।