{"_id":"5a3126af4f1c1b3c3d8bd526","slug":"rajasthan-first-time-in-the-jaipur-police-commissionerete-lady-sub-inspector-caught-taking-bribe","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार मोटी रिश्वत लेते पकड़ी गई यह महिला सब इंस्पेक्टर, जेल भेजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार मोटी रिश्वत लेते पकड़ी गई यह महिला सब इंस्पेक्टर, जेल भेजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 13 Dec 2017 06:52 PM IST
विज्ञापन
सब इंस्पेक्टर गीता चौधरी
- फोटो : File photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक आपराधिक मुकदमे में मुल्जिम का नाम हटाने की एवज में डेढ़ लाख रुपए की मोटी रकम मांगने वाली महिला सब इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट, जयपुर मुख्यालय ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
जयपुर कमिश्नरेट का यह पहला मामला है जबकि एसीबी ने किसी महिला सब इंस्पेक्टर को 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले वह परिवादी से 10 हजार रुपए ले चुकी थी। ट्रेप सब इंस्पेक्टर को आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।
एसीबी के आईजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला सब इंस्पेक्टर गीता चौधरी है। वह ऑल वुमन पुलिस स्टेशन महिला थाना ईस्ट में पदस्थापित है। इससे पहले एसआई गीता शिप्रापथ थाने में पोस्टेड थी। उसने गत 23 नवंबर को ही महिला थाना ईस्ट में ज्वाइन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जयपुर कमिश्नरेट का यह पहला मामला है जबकि एसीबी ने किसी महिला सब इंस्पेक्टर को 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले वह परिवादी से 10 हजार रुपए ले चुकी थी। ट्रेप सब इंस्पेक्टर को आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन
एसीबी के आईजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला सब इंस्पेक्टर गीता चौधरी है। वह ऑल वुमन पुलिस स्टेशन महिला थाना ईस्ट में पदस्थापित है। इससे पहले एसआई गीता शिप्रापथ थाने में पोस्टेड थी। उसने गत 23 नवंबर को ही महिला थाना ईस्ट में ज्वाइन किया था।
विज्ञापन
इस मुकदमे में नाम हटाने की एवज में ली रिश्वत
गिरफ्तार एसआई गीता चौधरी
- फोटो : Vishnu Sharma
आईजी के मुताबिक बयाना, भरतपुर निवासी माधवराम ने 19 नवंबर को एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि घनश्याम मीणा नाम के व्यक्ति ने उसके भाई मोहित के खिलाफ शिप्रापथ थाने में मारपीट व लूट का मुकदमा दर्ज करवाया था। केस की जांच एसआई गीता चौधरी के पास थी।
परिवादी माधवराम का आरोप था कि मुकदमे में नामजद उसके भाई मोहित का नाम हटाने की एवज में एसआई गीता ने डेढ़ लाख रुपए मांगे थे। बाद में, एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ। तब एएसपी आलोक सिंघल के नेतृत्व में एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया।
इस दौरान एसआई गीता चौधरी ने परिवादी माधवराम से 10 हजार रुपए ले लिए थे और बकाया राशि देने के बाद ही वर्तमान जांच अधिकारी से बातचीत कर नाम हटाने का आश्वासन दिया। आरोपी चौधरी के कहने पर परिवादी माधवराम मंगलवार को महिला थाने पहुंच गया।
परिवादी माधवराम का आरोप था कि मुकदमे में नामजद उसके भाई मोहित का नाम हटाने की एवज में एसआई गीता ने डेढ़ लाख रुपए मांगे थे। बाद में, एक लाख रुपए में सौदा तय हुआ। तब एएसपी आलोक सिंघल के नेतृत्व में एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया।
इस दौरान एसआई गीता चौधरी ने परिवादी माधवराम से 10 हजार रुपए ले लिए थे और बकाया राशि देने के बाद ही वर्तमान जांच अधिकारी से बातचीत कर नाम हटाने का आश्वासन दिया। आरोपी चौधरी के कहने पर परिवादी माधवराम मंगलवार को महिला थाने पहुंच गया।
दूसरे थाने में तबादला होने पर भी मांगी मोटी रिश्वत
money taken as bribe
- फोटो : अमर उजाला
जहां रिश्वत की रकम 70 हजार रुपए उसने एसआई गीता चौधरी को दे दी। इस रकम को गीता ने कार की डिक्की में रख लिया। तभी इशारा मिलने पर आस-पास सादावर्दी में मौजूद एसीबी के एडिशनल एसपी आलोक सिंघल और उनकी टीम ने गीता को पकड़ लिया।
उसकी कार की डिक्की से रिश्वत के 70 हजार रुपए लेकर बरामद कर लिए। जानकारी के अनुसार जयपुर कमिश्नरेट बनने के बाद यह पहला मामला है कि एसीबी ने कमिश्नरेट में पदस्थापित महिला सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर उसे रिश्वत लेते पकड़ा।
हैरान करने वाली बात यह है कि गीता चौधरी का शिप्रापथ थाने से महिला थाने में ट्रांसफर हो गया। अभी मुकदमे की जांच एसआई राजेंद्र मीणा के पास है। इसके बावजूद एसआई गीता चौधरी इतनी मोटी रकम रिश्वत में मांग रही है। पकड़े जाने के बाद गीता ने इतना ही कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। उसने अपने आठ साल की जॉब में कभी रिश्वत नहीं ली। उसको फंसाया जा रहा है।
उसकी कार की डिक्की से रिश्वत के 70 हजार रुपए लेकर बरामद कर लिए। जानकारी के अनुसार जयपुर कमिश्नरेट बनने के बाद यह पहला मामला है कि एसीबी ने कमिश्नरेट में पदस्थापित महिला सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर उसे रिश्वत लेते पकड़ा।
हैरान करने वाली बात यह है कि गीता चौधरी का शिप्रापथ थाने से महिला थाने में ट्रांसफर हो गया। अभी मुकदमे की जांच एसआई राजेंद्र मीणा के पास है। इसके बावजूद एसआई गीता चौधरी इतनी मोटी रकम रिश्वत में मांग रही है। पकड़े जाने के बाद गीता ने इतना ही कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। उसने अपने आठ साल की जॉब में कभी रिश्वत नहीं ली। उसको फंसाया जा रहा है।