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हिट एंड रन: MLA के बेटे का एल्कोहल सैंपल बदला, एफएसएल अधिकारी के खिलाफ FIR
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:03 PM IST
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सिद्धार्थ महरिया
- फोटो : file photo
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नशे में धुत होकर तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार से तीन राहगीरों की जान लेने के आरोपी विधायक पुत्र का एल्कोहल सैंपल बदलने का मामला सामने आया है। इसके बाद एफएसएल अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।
जानकारी के अनुसार, राजधानी जयपुर में 1 जुलाई 2016 की देर सेंट जेवियर स्कूल के पास बीएमडब्ल्यू ने तीन राहगीरों को रौंद दिया था। आरोप है कि इस कार को विधायक नंद किशोर का बेटा सिद्धार्थ महरिया चला रहा था। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सिद्धार्थ महरिया और उसके दोस्त जयंत जाखड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों का एसएमएस अस्पताल में मेडिकल मुआयना और एल्कोहल टेस्ट करवाया गया था। जो पॉजीटिव आया।
जबकि एफएसएल रिपोर्ट इसके विपरीत थी। इस पर गृह विभाग के आदेश पर मामले की जांच जयपुर कमिश्नरेट के शास्त्री नगर थानाप्रभारी महावीर प्रसाद सौंपी। करीब 22 गवाहों के बयानों और अन्य सबूतों के अनुसंधान के बाद यह आरोप सही पाया गया। इस पर थानाप्रभारी महावीर प्रसाद की ओर से एफएसएल अधिकारी विनोद जैन के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।
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जानकारी के अनुसार, राजधानी जयपुर में 1 जुलाई 2016 की देर सेंट जेवियर स्कूल के पास बीएमडब्ल्यू ने तीन राहगीरों को रौंद दिया था। आरोप है कि इस कार को विधायक नंद किशोर का बेटा सिद्धार्थ महरिया चला रहा था। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सिद्धार्थ महरिया और उसके दोस्त जयंत जाखड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों का एसएमएस अस्पताल में मेडिकल मुआयना और एल्कोहल टेस्ट करवाया गया था। जो पॉजीटिव आया।
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जबकि एफएसएल रिपोर्ट इसके विपरीत थी। इस पर गृह विभाग के आदेश पर मामले की जांच जयपुर कमिश्नरेट के शास्त्री नगर थानाप्रभारी महावीर प्रसाद सौंपी। करीब 22 गवाहों के बयानों और अन्य सबूतों के अनुसंधान के बाद यह आरोप सही पाया गया। इस पर थानाप्रभारी महावीर प्रसाद की ओर से एफएसएल अधिकारी विनोद जैन के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।
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यूं बदली रिपोर्ट
road accident
- फोटो : Demo pic
बाद में आरोपी सिद्धार्थ महरिया के ब्लड सैंपल से संबंधित जांच रिपोर्ट जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त हुई तो उसमें एल्कोहल की मात्रा नहीं पाई गई। थानाप्रभारी महावीर सिंह ने मुकदमा रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि विभिन्न गवाहों के बयानों के बाद सामने आया कि अंतत: सैंपल डॉक्टर विनोद जैन के निगरानी में थे।
उनके और अन्य साथी सहकर्मियों के बयान परस्पर विरोधाभासी है। इससे डॉक्टर विनोद जैन की भूमिका संदेहास्पद मिली। इस मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैंं। इसके चलते जांच सीआईडी से करवाने पर भी विचार चल रहा है।
उनके और अन्य साथी सहकर्मियों के बयान परस्पर विरोधाभासी है। इससे डॉक्टर विनोद जैन की भूमिका संदेहास्पद मिली। इस मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैंं। इसके चलते जांच सीआईडी से करवाने पर भी विचार चल रहा है।