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चाचा की दिलेरी, भतीजे को बचाने के लिए पैंथर से भिड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 14 Jul 2017 06:24 PM IST
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पैंथर
- फोटो : Demo pic
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भतीजे पर एक खूंखार पैंथर का हमला होता देखकर उसके चाचा ने दिलेरी दिखाई। वह अपनी जान पर खेलकर पैंथर से भिड़ गया और भतीजे को बचा लिया। इस हमले में चाचा-भतीजा दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए।
दिल दहलाने वाली यह घटना बांसवाड़ा जिले के मियासा ग्राम पंचायत क्षेत्र में कीका की नाल गांव में हुई। जहां स्थानीय निवासी प्रभुलाल का 16 वर्षीय बेटा किशन आज सुबह मिर्च के खेतों में काम कर रहा था। तभी पैंथर ने किशन पर हमला कर दिया।
वह चीख पुकार मचाने लगा, तब नजदीक ही काम कर रहे किशन के चाचा धूलजी एकबारगी घबरा गया। धूलजी ने जाबांजी दिखाते हुए पैंथर पर पत्थर फेंकता शुरु कर दिया और खुद दौड़ते हुए पैंथर की तरफ गया।
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दिल दहलाने वाली यह घटना बांसवाड़ा जिले के मियासा ग्राम पंचायत क्षेत्र में कीका की नाल गांव में हुई। जहां स्थानीय निवासी प्रभुलाल का 16 वर्षीय बेटा किशन आज सुबह मिर्च के खेतों में काम कर रहा था। तभी पैंथर ने किशन पर हमला कर दिया।
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वह चीख पुकार मचाने लगा, तब नजदीक ही काम कर रहे किशन के चाचा धूलजी एकबारगी घबरा गया। धूलजी ने जाबांजी दिखाते हुए पैंथर पर पत्थर फेंकता शुरु कर दिया और खुद दौड़ते हुए पैंथर की तरफ गया।
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आखिरकार पैंथर जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ
गंभीर जख्म
- फोटो : Demo pic
गुस्साए पैंथर ने किशन को छोड़ दिया और धूल पर लपका। धूलजी उस पर लगातार पत्थर फेंकता रहा और शोर मचाता रहा।
पैंथर ने धूलजी को भी घायल कर दिया। दोनों के बीच कुछ देर संघर्ष हुआ और पैंथर वहां से जंगल में भाग गया। उधर, चाचा—भतीजे का शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी आ गए, लेकिन वह तमाशबीन कर हल्ला मचाते रहे। बुरी तरह से जख्मी चाचा-भतीजे को महात्मा गांधी अस्पताल में पहुंचाया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रैफर कर दिया।
पैंथर ने धूलजी को भी घायल कर दिया। दोनों के बीच कुछ देर संघर्ष हुआ और पैंथर वहां से जंगल में भाग गया। उधर, चाचा—भतीजे का शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी आ गए, लेकिन वह तमाशबीन कर हल्ला मचाते रहे। बुरी तरह से जख्मी चाचा-भतीजे को महात्मा गांधी अस्पताल में पहुंचाया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रैफर कर दिया।