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मेरे पप्पू को राजनीति में फंसाया और मार डाला, एनकाउंटर के बाद बोली मां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 26 Jun 2017 03:39 PM IST
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आनंदपाल की मां निर्मल कंवर
- फोटो : File photo
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गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद उसकी मां निर्मल कंवर ने कहा कि उसके पप्पू को राजनीति में फंसाया और फिर मार डाला।
आनंदपाल को घर में पप्पू कह कर बुलाया जाता था। सोमवार को मीडिया से बातचीत में उसकी मां निर्मल कंवर ने आनंदपाल का शव लेने से इनकार कर दिया। रूंधे गले से निर्मल कंवर ने कहा कि 'मेरा बेटा सरेंडर हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। उसे मारने के लिए पहले से सोच रखा था।' एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'कोई उसके बेटे के सामने होता तो मरता तो सही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
'...लेकिन अब मैं सीबीआई जांच होने से पहले शव को उठने नहीं दूंगी। चाहे तो मैं थाने के सामने मर जाउं। मुझे भी जान देनी है। मेरे बेटे के साथ सोना है। ...सीबीआई जांच होनी चाहिए। भले ही कुछ हो जाए।'
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आनंदपाल को घर में पप्पू कह कर बुलाया जाता था। सोमवार को मीडिया से बातचीत में उसकी मां निर्मल कंवर ने आनंदपाल का शव लेने से इनकार कर दिया। रूंधे गले से निर्मल कंवर ने कहा कि 'मेरा बेटा सरेंडर हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया। उसे मारने के लिए पहले से सोच रखा था।' एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'कोई उसके बेटे के सामने होता तो मरता तो सही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
'...लेकिन अब मैं सीबीआई जांच होने से पहले शव को उठने नहीं दूंगी। चाहे तो मैं थाने के सामने मर जाउं। मुझे भी जान देनी है। मेरे बेटे के साथ सोना है। ...सीबीआई जांच होनी चाहिए। भले ही कुछ हो जाए।'
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रिश्तेदारों को बनाया जा रहा है निशाना
आनंदपाल का एनकाउंटर
- फोटो : File photo
आनंदपाल सिंह की मां ने आरोप लगाया कि उसके रिश्तेदारों को पुलिस अपना निशाना बना रही है। उन्हें किसी न किसी बहाने आपराधिक मामलों में फंसाया जा रहा है।
निर्मल कंवर ने कहा कि 'मेरा बेटा तो गया ही अब मेरे रिश्तेदारों को भी आने से रोका जा रहा है। मेरे जंवाई को जबरन फंसा दिया गया...अफीम के केस में... जिसने कभी गाली भी नहीं बकी थी।'
निर्मल कंवर का आरोप है कि हमें कभी आराम से नहीं रहने दिया। परेशान किया गया। घर का सामान, जमीन सब कुछ ताले में बंद कर छीन लिया।
उधर, आनंदपाल सिंह के पैतृक गांव सांवराद में शोक का माहौल है। वहां ग्रामवासी और समाज के लोग जुटे हुए तथा उनमें पुलिस और सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। गौरतलब है कि 21 माह की फरारी के बाद 24 जून को अमावस की रात कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का चुरू में मालासर गांव में एनकाउंटर कर दिया गया था।
निर्मल कंवर ने कहा कि 'मेरा बेटा तो गया ही अब मेरे रिश्तेदारों को भी आने से रोका जा रहा है। मेरे जंवाई को जबरन फंसा दिया गया...अफीम के केस में... जिसने कभी गाली भी नहीं बकी थी।'
निर्मल कंवर का आरोप है कि हमें कभी आराम से नहीं रहने दिया। परेशान किया गया। घर का सामान, जमीन सब कुछ ताले में बंद कर छीन लिया।
उधर, आनंदपाल सिंह के पैतृक गांव सांवराद में शोक का माहौल है। वहां ग्रामवासी और समाज के लोग जुटे हुए तथा उनमें पुलिस और सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। गौरतलब है कि 21 माह की फरारी के बाद 24 जून को अमावस की रात कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का चुरू में मालासर गांव में एनकाउंटर कर दिया गया था।