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था एनकाउंटर का चश्मदीद गवाह, इसलिए पुलिस ने मारी गोली
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 05:56 PM IST
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सुरेंद्र सिंह का शव
- फोटो : Amar Ujala
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आनंदपाल एनकाउंटर के बाद पुलिस की आफत कम होती नजर नहीं आ रही है। पिछले दिनों श्रद्दांजली सभा के बाद उपजे उपद्रव के दौरान हुई फायरिंग में गोली लगने से मारे गए सुरेंद्र सिंह को राजपूत समाज ने जहां आज शहीद का दर्जा देते हुए फक्र जताया। वहीं, मालासर, रतनगढ़ चुरु निवासी मृतक सुरेंद्र सिंह के पिता कल्याण सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को जानबूझकर मार डाला।
कल्याण सिहं ने जयपुर के अशोक नगर थाने में अपने बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। जानकारी के मुताबिक कल्याण सिंह ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उनका बेटा सुरेंद्र सिंह 12 जुलाई को सांवराद में मौजूद था। वह स्थानीय लोगों का यह कह रहा था कि वह आनंदपाल के एनकाउंटर का गवाह है। आनंदपाल को पुलिस ने सरेंडर होने के बावजूद धोखे से मार डाला।
यह बात पुलिस को पता चली तो पुलिस ने ही उनके बेटे को मार डाला और फिर ध्यान भटकाने के लिए उसका नाम लालचंद शर्मा बता दिया। घटनास्थल सांवराद का होने के कारण एफआईआर संबंधित गांव इलाके के पुलिस थाने को भेजी जाएगी।
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दूसरी तरफ, आज सर्व समाज संघर्ष समिति से जुड़े राजपूत पदाधिकारियों के साथ बातचीत के बाद राज्य सरकार के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने इस मुकदमे की जांच की सिफारिश भी सीबीआई से करवाने की बात कही है।
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कल्याण सिहं ने जयपुर के अशोक नगर थाने में अपने बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। जानकारी के मुताबिक कल्याण सिंह ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उनका बेटा सुरेंद्र सिंह 12 जुलाई को सांवराद में मौजूद था। वह स्थानीय लोगों का यह कह रहा था कि वह आनंदपाल के एनकाउंटर का गवाह है। आनंदपाल को पुलिस ने सरेंडर होने के बावजूद धोखे से मार डाला।
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यह बात पुलिस को पता चली तो पुलिस ने ही उनके बेटे को मार डाला और फिर ध्यान भटकाने के लिए उसका नाम लालचंद शर्मा बता दिया। घटनास्थल सांवराद का होने के कारण एफआईआर संबंधित गांव इलाके के पुलिस थाने को भेजी जाएगी।
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दूसरी तरफ, आज सर्व समाज संघर्ष समिति से जुड़े राजपूत पदाधिकारियों के साथ बातचीत के बाद राज्य सरकार के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने इस मुकदमे की जांच की सिफारिश भी सीबीआई से करवाने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर वायरल शव की फोटो को देख पहुंचे परिजन
श्रद्दांजली सभा व हुंकार रैली
- फोटो : File photo
आज दोपहर को सुरेंद्र सिंह के पिता कल्याण सिंह और अन्य परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। अब कल बुधवार को सुरेंद्र सिंह के शव का अंतिम संस्कार सांवराद गांव में किया जाएगा। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता अस्पताल परिसर में मौजूद रहा।
इससे पहले सुरेंद्र सिंह को पुलिस लालचंद शर्मा, निवासी हरियाणा का बताकर परिजनों की तलाश कर रही थी। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल उसके शव की फोटो को देखकर जयपुर निवासी सुरेंद्र सिंह के रिश्तेदारों ने उसे पहचान कर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने कल जयपुर पहुंचकर शव की पहचान की।
इसी तरह, सांवराद में 12 जुलाई को हुई हिंसक उपद्रव में गंभीर घायल हुए एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वाला युवक भवानी सिंह गुजरात में बनासकांठा का रहने वाला था। वह नागौर स्टेशन पर रेहड़ी लगाता था। देर शाम हिंसक उपद्रव के दौरान भवानी सिंह के गंभीर घायल होने पर नागौर से चूरू रेफर किया गया और वहां से उसे सीकर भेज दिया गया। सीकर में उसका इलाज जारी था। जहां बीती देर रात को भवानी सिंह की मौत हो गई।
इससे पहले सुरेंद्र सिंह को पुलिस लालचंद शर्मा, निवासी हरियाणा का बताकर परिजनों की तलाश कर रही थी। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल उसके शव की फोटो को देखकर जयपुर निवासी सुरेंद्र सिंह के रिश्तेदारों ने उसे पहचान कर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने कल जयपुर पहुंचकर शव की पहचान की।
इसी तरह, सांवराद में 12 जुलाई को हुई हिंसक उपद्रव में गंभीर घायल हुए एक और व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वाला युवक भवानी सिंह गुजरात में बनासकांठा का रहने वाला था। वह नागौर स्टेशन पर रेहड़ी लगाता था। देर शाम हिंसक उपद्रव के दौरान भवानी सिंह के गंभीर घायल होने पर नागौर से चूरू रेफर किया गया और वहां से उसे सीकर भेज दिया गया। सीकर में उसका इलाज जारी था। जहां बीती देर रात को भवानी सिंह की मौत हो गई।