{"_id":"591423bb4f1c1baa7c853a9a","slug":"flowers-decorated-with-floral-decorations-witnessing-the-flames-of-light-flame","type":"story","status":"publish","title_hn":"24 लोगों की मौत के मंडप में दीपक की लौ के सहारे 7 फेरे, गीत नहीं चीखें गूंजी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
24 लोगों की मौत के मंडप में दीपक की लौ के सहारे 7 फेरे, गीत नहीं चीखें गूंजी
Updated Thu, 11 May 2017 07:35 PM IST
विज्ञापन
शादी का कार्ड
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौत के बवंडर ने जरा भी नहीं सोचा की शहनाई बज रही है, कुछ वक्त इन्तजार कर लूं। फूलों से सजा वह मंडप भी उजड़ गया। जिसमें हवन वेदी में प्रज्वलित अग्नि को साक्षी मानकर जयपुर से बारात लेकर आए दूल्हे धर्मेंद्र सैनी और मालीपुरा, सेवर की रहने वाली उनकी अर्धागिंनी कोमल को नव दाम्पत्य जीवन में बंधने के लिए सात फेरे लेने थे। इस गमगीन माहौल के बीच मजबूरी में दीपक की लौ के सहारे सात फेरे लिए गए।
हादसे के समय रात करीब साढ़े नौ बजे भरतपुर में तेज तूफान आया और तेज बारिश शुरू हो गई। ओले गिरने लगे। तभी बिजली चली गई। इसके बाद किसी को कुछ नजर नहीं आया। मौत बनकर आए तूफान ने 24 निर्दोष लोगों की जिंदगी उजाड़ने से पहले विजय नगर के अन्नपूर्णा मैरिज होम में लगे शामियाने को उड़ा दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंडप के साथ हवन वेदी भी उजड़ गई। हादसे से गमजदा दुल्हे धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि घुप्प अंधेरे के बीच तेज कड़कड़ाते हुए सिर्फ बिजली कौंधती हुई नजर आ रही थी।
एेसे में किसी को कुछ नजर नहीं आ रहा था। तब सिर्फ मैरिज गार्डन में चीख पुकार और मातम मच रहा था। प्रशासन और घर वाले अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च में दीवार में दबे लोगों को तलाश कर रहे थे।
विज्ञापन
वहीं, तब कुछ परिजनों और पंडितों का कहना था कि शादी की रस्म के लिए फेरे लेना जरुरी है। तब परिजन एक जलता हुआ दीपक लेकर आए। दीपक को उस स्थान पर रखा गया जहां फेरे लेने के लिए मंडप बनाकर हवन वेदी बनाई थी।
इसके बाद धर्मेंद्र व कोमल ने वहां मौजूद चीख पुकार व मातम के बीच रुंधे हुए गले और आंखों से बह रहे आंसुओं के बीच सात फेरे ले लिए।
विज्ञापन
हादसे के समय रात करीब साढ़े नौ बजे भरतपुर में तेज तूफान आया और तेज बारिश शुरू हो गई। ओले गिरने लगे। तभी बिजली चली गई। इसके बाद किसी को कुछ नजर नहीं आया। मौत बनकर आए तूफान ने 24 निर्दोष लोगों की जिंदगी उजाड़ने से पहले विजय नगर के अन्नपूर्णा मैरिज होम में लगे शामियाने को उड़ा दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंडप के साथ हवन वेदी भी उजड़ गई। हादसे से गमजदा दुल्हे धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि घुप्प अंधेरे के बीच तेज कड़कड़ाते हुए सिर्फ बिजली कौंधती हुई नजर आ रही थी।
विज्ञापन
एेसे में किसी को कुछ नजर नहीं आ रहा था। तब सिर्फ मैरिज गार्डन में चीख पुकार और मातम मच रहा था। प्रशासन और घर वाले अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च में दीवार में दबे लोगों को तलाश कर रहे थे।
विज्ञापन
वहीं, तब कुछ परिजनों और पंडितों का कहना था कि शादी की रस्म के लिए फेरे लेना जरुरी है। तब परिजन एक जलता हुआ दीपक लेकर आए। दीपक को उस स्थान पर रखा गया जहां फेरे लेने के लिए मंडप बनाकर हवन वेदी बनाई थी।
इसके बाद धर्मेंद्र व कोमल ने वहां मौजूद चीख पुकार व मातम के बीच रुंधे हुए गले और आंखों से बह रहे आंसुओं के बीच सात फेरे ले लिए।