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भूमि घोटाले में अफसरों के खिलाफ कार्रवाई पर अदालत ने एसीबी से मांगा स्पष्टीकरण
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 10 Oct 2017 08:38 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने एसीबी से पूछा है कि जयपुर मानसरोवर इलाके में कथित भूमि घोटाले में तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव डीबी गुप्ता सहित अन्य के खिलाफ दी गई शिकायत को केवल दर्ज किया गया या प्रारंभिक जांच भी की गई है।
अदालत ने एसीबी को 8 नवंबर को अपना स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है। अदालत ने कहा कि प्रकरण में एसीबी ने रिपोर्ट पेश कर केवल परिवाद दर्ज कराना बताया है, जबकि परिवाद दर्ज करने के बजाए एसीबी को प्रारंभिक जांच करनी चाहिए थी।
मामले के अनुसार अशोक पाठक की ओर से एसीबी में परिवाद पेश कर तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव डीबी गुप्ता, जीएस संधू, राजस्थान आवासन मंडल के तत्कालीन चैयरमेन परसराम मोरदिया सहित तीन अन्य अशोक शर्मा, नानगराम और रामबाबू अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।
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अदालत ने एसीबी को 8 नवंबर को अपना स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है। अदालत ने कहा कि प्रकरण में एसीबी ने रिपोर्ट पेश कर केवल परिवाद दर्ज कराना बताया है, जबकि परिवाद दर्ज करने के बजाए एसीबी को प्रारंभिक जांच करनी चाहिए थी।
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मामले के अनुसार अशोक पाठक की ओर से एसीबी में परिवाद पेश कर तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव डीबी गुप्ता, जीएस संधू, राजस्थान आवासन मंडल के तत्कालीन चैयरमेन परसराम मोरदिया सहित तीन अन्य अशोक शर्मा, नानगराम और रामबाबू अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।
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यह आरोप लगाए थे परिवाद में
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
परिवाद में कहा गया कि राज्य सरकार ने मानसरोवर स्कीम की आवासीय योजना के लिए वर्ष 2009 में झालानारोड देवरी, गोल्यवास और सुखालपुरा की करीब ढाई हजार बीघा भूमि अवाप्त की। परिवाद में सुखालपुरा की 35 बीघा अवाप्तशुदा भूमि के पट्टे काटने का आरोप लगाते हुए एसीबी में तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन एसीबी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर अदालत में परिवाद पेश कर कार्रवाई की गुहार की गई।