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सीकर में कार्यवाहक थानाप्रभारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 May 2017 03:58 PM IST
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accused asi girdhari lal trap
- फोटो : Vishnu Sharma
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर देहात की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए सीकर जिले के अजीतगढ़ थाने के कार्यवाहक थानाप्रभारी गिरधारी लाल को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी वीरेंद्र सिंह ने एसीबी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उन्होंने अजीतगढ़ थाने में मारपीट का एक मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मुकदमे के अनुसंधान अधिकारी और कार्यवाहक थाना इंचार्ज एएसआई गिरधारी लाल है, जो कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में शीघ्र चालान पेश करने और सख्त कार्रवाई करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। साथ ही धमका भी रहा है कि रिश्वत की राशि देने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर देहात नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन करवा कर परिवादी वीरेंद्र को गुरुवार को अजीतगढ़ थाने भेजा गया। वहां ज्योंही कार्यवाहक थाना इंचार्ज गिरधारी लाल ने रिश्वत की रकम 7 हजार रूपए लिए। तभी एसीबी ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी वीरेंद्र सिंह ने एसीबी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उन्होंने अजीतगढ़ थाने में मारपीट का एक मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मुकदमे के अनुसंधान अधिकारी और कार्यवाहक थाना इंचार्ज एएसआई गिरधारी लाल है, जो कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में शीघ्र चालान पेश करने और सख्त कार्रवाई करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। साथ ही धमका भी रहा है कि रिश्वत की राशि देने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर देहात नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन करवा कर परिवादी वीरेंद्र को गुरुवार को अजीतगढ़ थाने भेजा गया। वहां ज्योंही कार्यवाहक थाना इंचार्ज गिरधारी लाल ने रिश्वत की रकम 7 हजार रूपए लिए। तभी एसीबी ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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