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गांव की लड़की को लेकर भागा, कर्ज में डूबा तो साथियों के साथ बैंकों में नकबजनी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:47 PM IST
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गांव की एक लड़की को भगा ले जाने के बाद एक युवक कर्ज में डूब गया। इससे उबरने के लिए अपने दो साथियों के साथ बैंकों में नकबजनी की वारदात करने लगा। ऐसे ही एक गिरोह को पकड़ने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की है। जिसने पिछले करीब दो माह के भीतर चार बैंकों में नकबजनी की वारदात की हैं।
एसपी डूंगरपुर हिम्मत अभिलाष टांक ने बताया कि गांव भागाफला लिम्बोड़ छोटी निवासी रमण लाल डेण्डोर, दिनेश डेण्डोर एवं मुकेश डेण्डोर को गिरफ्तार किया गया। इनमें दिनेश व मुकेश सगे भाई हैं। ये तीनों चोरी की मोटर साइकिल पर वारदात को अंजाम देते थे।
खड़गदा में बैंक में नकबजनी कर भागते वक्त जिस समय चोरी की वारदात हुई, तब गश्त पर मौजूद चितरी पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया था। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों बदमाश भाग निकले थे।
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एसपी डूंगरपुर हिम्मत अभिलाष टांक ने बताया कि गांव भागाफला लिम्बोड़ छोटी निवासी रमण लाल डेण्डोर, दिनेश डेण्डोर एवं मुकेश डेण्डोर को गिरफ्तार किया गया। इनमें दिनेश व मुकेश सगे भाई हैं। ये तीनों चोरी की मोटर साइकिल पर वारदात को अंजाम देते थे।
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खड़गदा में बैंक में नकबजनी कर भागते वक्त जिस समय चोरी की वारदात हुई, तब गश्त पर मौजूद चितरी पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया था। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों बदमाश भाग निकले थे।
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इस तरह पकड़ा गया गिरोह
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- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर के निकटवर्ती भीलूड़ा मिनी बैंक में 28 जुलाई और बुचिया मिनी बैंक में 17 जुलाई को एवं चितरी थाना इलाके में बैंक ऑफ बड़ौदा, दिवड़ा व बैंक ऑफ बड़ौदा, खड़गदा में 30 जून व 4 जुलाई को चोरी का वारदात हुई थी।
इसके बाद उपाधीक्षक अनिल मीणा के निर्देशन में थाना प्रभारी रामेश्वर भाटी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जिसमें साइबर सेल प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह ने अहम भूमिका निभाई और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना रमणलाल डेण्डोर कुछ अरसे पहले गांव की लड़की को भगाकर ले गया था। उस पर आर्थिक कर्जा भी था। इस पर उसने गिरोह के साथियों के साथ मिलकर बैंकों में वारदात करना शुरू कर दिया। वारदात से पहले यह गिरोह बैंकों की रैकी करता था।
इसके बाद उपाधीक्षक अनिल मीणा के निर्देशन में थाना प्रभारी रामेश्वर भाटी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जिसमें साइबर सेल प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह ने अहम भूमिका निभाई और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना रमणलाल डेण्डोर कुछ अरसे पहले गांव की लड़की को भगाकर ले गया था। उस पर आर्थिक कर्जा भी था। इस पर उसने गिरोह के साथियों के साथ मिलकर बैंकों में वारदात करना शुरू कर दिया। वारदात से पहले यह गिरोह बैंकों की रैकी करता था।