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'मटके' में अटके तो दोस्त ने ली जान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 09 Oct 2017 07:50 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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एक कपड़ा और ब्याज व्यवसायी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों को दो दिन में ही धरदबोचा। पूछताछ में आरोपियों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सामने आया कि और मटके पर दांव ( सट्टे) लगाना मृतक राकेश खतवानी को भारी पड़ गया।
उदयपुर के गोवर्धन थाना इलाके में यह घटना हुई है। मामले में पुलिस ने महेश सिंधी को गिफ्तार किया है। वहीं उसका साथी दिनेश कुशवाहा फरार है। दरअसल, मृतक राकेश खतवानी हिरण मगरी सेक्टर छह निवासी महेश सिंधी से एक लाख 20 हजार रुपए मांगता था। सट्टे पर लगाए रुपए हार जाने के कारण यह पैसा बाकी चल रहा था। महेश सिंधी ने कबूल किया है कि दो साल पहले राकेश से मटके में उधारी हो गई थी और आधे पैसे उसने लौटा भी दिए थे। इसके बाद तंगी के चलते वह पैसा नहीं लौटा पाया।
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उदयपुर के गोवर्धन थाना इलाके में यह घटना हुई है। मामले में पुलिस ने महेश सिंधी को गिफ्तार किया है। वहीं उसका साथी दिनेश कुशवाहा फरार है। दरअसल, मृतक राकेश खतवानी हिरण मगरी सेक्टर छह निवासी महेश सिंधी से एक लाख 20 हजार रुपए मांगता था। सट्टे पर लगाए रुपए हार जाने के कारण यह पैसा बाकी चल रहा था। महेश सिंधी ने कबूल किया है कि दो साल पहले राकेश से मटके में उधारी हो गई थी और आधे पैसे उसने लौटा भी दिए थे। इसके बाद तंगी के चलते वह पैसा नहीं लौटा पाया।
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इस तरह दिया वारदात को अंजाम
मौके पर पड़ी लाश
- फोटो : Amar Ujala
राकेश उसे बार बार धमकी दे रहा था। घर तक उसकी यह बात बताने के लिए कहने लगा था। एकबारगी तो वह उसके घर तक पहुंच भी गया था। ऐसे में महेश तनाव में आ गया। उसने अपने मित्र उत्तरप्रदेश के रहने वाले दिनेश कुशवाह से सम्पर्क किया और राकेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्होने एक देशी कट्टे का इंतेजाम कर लिया।
वारदात वाली शाम दोनों ने राकेश को सीए सर्किल के यहां मटके के कारोबार की पूरी फाइल लेकर बुलाया और बाद में तीनों ही शराब पीने और पैसे का हिसाब करने यूएन ऑटोमोबाइल के सुनसान इलाके में चले गए। अंधेरे का फायदा उठाते हुए महेश सिंधी ने बिना कोई अवसर दिए स्कूटी पर बैठे राकेश के सीने में गोली मार दी।
राकेश ने तत्काल भागने की भी कोशिश की, लेकिन कुछ दूरी पर ही गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। उन्होने उदियापोल के रैन बसेरे में रात बीताई और सुबह उठकर खमनोर चले गए।
वारदात वाली शाम दोनों ने राकेश को सीए सर्किल के यहां मटके के कारोबार की पूरी फाइल लेकर बुलाया और बाद में तीनों ही शराब पीने और पैसे का हिसाब करने यूएन ऑटोमोबाइल के सुनसान इलाके में चले गए। अंधेरे का फायदा उठाते हुए महेश सिंधी ने बिना कोई अवसर दिए स्कूटी पर बैठे राकेश के सीने में गोली मार दी।
राकेश ने तत्काल भागने की भी कोशिश की, लेकिन कुछ दूरी पर ही गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। उन्होने उदियापोल के रैन बसेरे में रात बीताई और सुबह उठकर खमनोर चले गए।