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पट्टा देने की एवज में मांगी 50 हजार की रिश्वत, जेईएन गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 08 Aug 2017 06:26 PM IST
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गिरफ्तार आरोपी दीपक योगी
- फोटो : Vishnu Sharma
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ अभियंता को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक योगी है। वह वैशाली नगर, जयपुर में किराए से रहता है तथा जयपुर विकास प्राधिकरण, जोन 12 में कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदस्थापित है।
उसके खिलाफ एक व्यक्ति ने एसीबी में शिकायत दी थी जिसमें बताया कि उसने गणेश विहार, झोटवाड़ा में एक मकान का पट्टा जारी करवाने के लिए करीब दो साल पहले जेडीए में आवेदन किया था। पिछले छह माह से यह फाइल जेडीए के जोन 12 में आ गई थी। जिसमें पदस्थापित जेईएन दीपक योगी परिवादी हरिसिंह के भूखंड की मौका रिपोर्ट एवं पट्टा जारी करवाने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
इस पर आज जयपुर शहर, द्वित्तीय एसीबी की टीम उपाधीक्षक सुरेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में जेडीए पहुंची। यहां जोन आॅफिस की सीढ़ियों में जेईएन दीपक योगी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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उसके खिलाफ एक व्यक्ति ने एसीबी में शिकायत दी थी जिसमें बताया कि उसने गणेश विहार, झोटवाड़ा में एक मकान का पट्टा जारी करवाने के लिए करीब दो साल पहले जेडीए में आवेदन किया था। पिछले छह माह से यह फाइल जेडीए के जोन 12 में आ गई थी। जिसमें पदस्थापित जेईएन दीपक योगी परिवादी हरिसिंह के भूखंड की मौका रिपोर्ट एवं पट्टा जारी करवाने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।
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इस पर आज जयपुर शहर, द्वित्तीय एसीबी की टीम उपाधीक्षक सुरेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में जेडीए पहुंची। यहां जोन आॅफिस की सीढ़ियों में जेईएन दीपक योगी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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इसलिए, उच्चाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध
bribe
- फोटो : Demo pic
मामले में जेडीए में तैनात एटीपी वर्षा गुप्ता और उच्चाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। वर्षा से भी पूछताछ की जा रही है।
एसीबी के मुताबिक परिवादी हरिसिंह के रिश्वत लेकर जेडीए पहुंचने के बाद आरोपी जेईएन दीपक योगी पहले एटीपी वर्षा के केबिन में गया। कुछ बातचीत कर वापस आया और फिर रिश्वत की रकम लेने सीढ़ियों में चला गया।
परिवादी के मुताबिक वह पट्टे के लिए जेडीए के संबंधित जोन उपायुक्त से कई बार मिला। लेकिन वह नीचे स्टाफ से मिलने की बात कहते। परिवादी के मुताबिक वह एटीपी वर्षा से मिला तब उसने कहा कि छह महिनों का काम 10 दिन में हो जाता। यह काम फ्री में नहीं होता। चैनल के जरिए व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके बाद वर्षा ने ही उसे जेईएन दीपक योगी से मिलने को कहा। तब रिश्वत मांगने पर पीड़ित ने एसीबी को सूचना दी। वहीं, एसीबी के छापे से जेडीए परिसर में हड़कंप मच गया। जोन उपायुक्त भी वहां से निकल गए।
एसीबी के मुताबिक परिवादी हरिसिंह के रिश्वत लेकर जेडीए पहुंचने के बाद आरोपी जेईएन दीपक योगी पहले एटीपी वर्षा के केबिन में गया। कुछ बातचीत कर वापस आया और फिर रिश्वत की रकम लेने सीढ़ियों में चला गया।
परिवादी के मुताबिक वह पट्टे के लिए जेडीए के संबंधित जोन उपायुक्त से कई बार मिला। लेकिन वह नीचे स्टाफ से मिलने की बात कहते। परिवादी के मुताबिक वह एटीपी वर्षा से मिला तब उसने कहा कि छह महिनों का काम 10 दिन में हो जाता। यह काम फ्री में नहीं होता। चैनल के जरिए व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके बाद वर्षा ने ही उसे जेईएन दीपक योगी से मिलने को कहा। तब रिश्वत मांगने पर पीड़ित ने एसीबी को सूचना दी। वहीं, एसीबी के छापे से जेडीए परिसर में हड़कंप मच गया। जोन उपायुक्त भी वहां से निकल गए।