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सामराऊ हत्याकांड: सीआईडी या सीबीआई को भी भेज सकते है जांच, हाईकोर्ट ने कहा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 19 Feb 2018 06:36 PM IST
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हाईकोर्ट ने जोधपुर के सामराऊ में हुई आगजनी व पथराव की घटना को लेकर स्वप्रेरणा याचिका पर सुनवाई की।
जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान अनुसंधान अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि अब तक इस मामले में कुल 28 मुकदमें दर्ज किए गए हैं और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, न्यायमित्र बीसी तामड़िया ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में बलवा व आगजनी की घटनाएं होना कम बात नहीं हैं, क्योंकि यह कानून व्यवस्था को उजागर करती हैं।
अधिवक्ता दिनेश जैन ने मृतक हनुमान साई के भाई की ओर से कोर्ट में पेश होकर बताया कि एक तरफ तो कानूनी कारवाई की बात की जा रही है तो दूसरी ओर से सरकार जिनके खिलाफ मुकदमें हैं उनको ही आर्थिक सहायता देकर प्रंशसा हो रही है। इस पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताते हुए मौखिक रूप से कहा कि हो सकता है मामले को सीआईडी या सीबीआई को भी भेज सकते हैं, लेकिन एक बार दर्ज सभी मुकदमों की केस डायरी का अवलोकन आवश्यक है।
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जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान अनुसंधान अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि अब तक इस मामले में कुल 28 मुकदमें दर्ज किए गए हैं और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, न्यायमित्र बीसी तामड़िया ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में बलवा व आगजनी की घटनाएं होना कम बात नहीं हैं, क्योंकि यह कानून व्यवस्था को उजागर करती हैं।
अधिवक्ता दिनेश जैन ने मृतक हनुमान साई के भाई की ओर से कोर्ट में पेश होकर बताया कि एक तरफ तो कानूनी कारवाई की बात की जा रही है तो दूसरी ओर से सरकार जिनके खिलाफ मुकदमें हैं उनको ही आर्थिक सहायता देकर प्रंशसा हो रही है। इस पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताते हुए मौखिक रूप से कहा कि हो सकता है मामले को सीआईडी या सीबीआई को भी भेज सकते हैं, लेकिन एक बार दर्ज सभी मुकदमों की केस डायरी का अवलोकन आवश्यक है।
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ऐसे में मामले में दर्ज अभी तक सभी मुकदमों की केस डायरी 26 फरवरी को हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।