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ऐसी लापरवाही! अस्पताल में बदल गए बच्चे, डीएनए जांच पर अड़े परिजन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 24 Aug 2017 06:35 PM IST
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अस्पताल में इलाज में लापरवाही देखने के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन किसी का बच्चा दूसरे को और दूसरे का बच्चा किसी को दे दें, तो क्या कहेंगे।
ये घोर लापरवाही सामने आई है राजस्थान के जोधपुर जिले में। यहां के मथुरादास माथुर अस्पताल के शिशु एवं जनाना विंग में आज अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रसूता को पहले बच्ची दी गई और कुछ देर बाद ही ये कहकर वापस ले ली गई कि वह उसकी नहीं है। उसकी बच्ची तो ये है जो हमारी गोद में है। ऐसा सुनते ही यहां दो प्रसुताओं के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का कहना था कि ये कोई मजाक नहीं चल रहा कि पहले दूसरी बच्ची दी गई और बाद में दूसरी। ऐसे में वे कैसे मानें कि अब जो बच्ची उन्हें दी गई है वह उनकी है। इसके बाद दोनों नवजात बच्चियों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से डीएनए जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, जोधपुर के जनाना अस्पताल में बच्चे बदलने का ये चौथा मामला है। इससे पहले पुराने जनाना अस्पताल में भी तीन बार ऐसा हो चुका है।
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ये घोर लापरवाही सामने आई है राजस्थान के जोधपुर जिले में। यहां के मथुरादास माथुर अस्पताल के शिशु एवं जनाना विंग में आज अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रसूता को पहले बच्ची दी गई और कुछ देर बाद ही ये कहकर वापस ले ली गई कि वह उसकी नहीं है। उसकी बच्ची तो ये है जो हमारी गोद में है। ऐसा सुनते ही यहां दो प्रसुताओं के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का कहना था कि ये कोई मजाक नहीं चल रहा कि पहले दूसरी बच्ची दी गई और बाद में दूसरी। ऐसे में वे कैसे मानें कि अब जो बच्ची उन्हें दी गई है वह उनकी है। इसके बाद दोनों नवजात बच्चियों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से डीएनए जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, जोधपुर के जनाना अस्पताल में बच्चे बदलने का ये चौथा मामला है। इससे पहले पुराने जनाना अस्पताल में भी तीन बार ऐसा हो चुका है।
...तो ऐसे माने परिजन, जानिए
परिजनों से बातचीत करने जाते डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसआर भास्कर ने बताया कि अस्पताल में बच्चें बदले नहीं थे, लेकिन परिजनों को शक हो गया था। उन्हें जब पूरी प्रक्रिया के बारे में अवगत करवाया तो वह समझ गए। इसके बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि आज शांति और ममता ने एमडीएमएच शिशु एवं जनाना विंग में बच्चियों को जन्म दिया।
कर्मचारियों ने बच्चों के जन्म के साथ ही उनके परिजनों के नाम का टैग लगा दिया। बच्चियों के पग चिन्ह लिए, लेकिन किसी कारणवश परिजनों को बच्चों के बदलने का अंदेशा हो गया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की, लेकिन जब परिजनों को समझाइश कर उन्हें पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी तो परिजन बिना किसी टेस्ट के ही अपने अपने बच्चें लेने के लिए तैयार हो गए।
कर्मचारियों ने बच्चों के जन्म के साथ ही उनके परिजनों के नाम का टैग लगा दिया। बच्चियों के पग चिन्ह लिए, लेकिन किसी कारणवश परिजनों को बच्चों के बदलने का अंदेशा हो गया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की, लेकिन जब परिजनों को समझाइश कर उन्हें पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी तो परिजन बिना किसी टेस्ट के ही अपने अपने बच्चें लेने के लिए तैयार हो गए।