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फ्लैट निर्माण पूरा नहीं करने पर बिल्डर पर दो लाख का हर्जाना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 04 Nov 2017 06:45 PM IST
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राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग ने रुपए लेने के बावजूद फ्लैट का पूरा निर्माण नहीं करने पर नारायण बिल्डर्स एंड डवलपर्स पर दो लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। आयेाग ने बिल्डर को 25 हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर भी अदा करने को कहा है। इसके साथ ही परिवादी से वसूली गई 41 लाख 68 हजार रुपए 18 फीसदी ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।
आयोग ने यह आदेश अपर्णा चौधरी व अन्य की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में अधिवक्ता पवन गुप्ता ने आयोग को बताया कि परिवादी ने विपक्षी बिल्डर की ओर से विकसित की जा रही अरबाना ज्वैलस में मई 2013 में फ्लैट बुक कराया था। इसके बाद उसने कुल 41 लाख 68 हजार रुपए भी जमा करा दिए। परिवाद में कहा गया कि बिल्डर ने जेडीए, एयरपोर्ट और फायर एनओसी लिए बिना ही परिवादी को फ्लैट का कब्जा लेने को कहा। जबकि फ्लैट का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा कार पार्किंग और क्लब सदस्यता के भी अलग से रुपए मांगे गए।
जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश देते हुए बिल्डर पर दो लाख रुपए का हर्जाना तथा 25 हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर अदा करने को कहा है।
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आयोग ने यह आदेश अपर्णा चौधरी व अन्य की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में अधिवक्ता पवन गुप्ता ने आयोग को बताया कि परिवादी ने विपक्षी बिल्डर की ओर से विकसित की जा रही अरबाना ज्वैलस में मई 2013 में फ्लैट बुक कराया था। इसके बाद उसने कुल 41 लाख 68 हजार रुपए भी जमा करा दिए। परिवाद में कहा गया कि बिल्डर ने जेडीए, एयरपोर्ट और फायर एनओसी लिए बिना ही परिवादी को फ्लैट का कब्जा लेने को कहा। जबकि फ्लैट का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा कार पार्किंग और क्लब सदस्यता के भी अलग से रुपए मांगे गए।
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जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश देते हुए बिल्डर पर दो लाख रुपए का हर्जाना तथा 25 हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर अदा करने को कहा है।
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