क्यों जाते हो पाकिस्तान ? बीएसएफ के इस सवाल से उड़ गए इन अधिकारियों के होश..
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सरहदों की सुरक्षा करने वाले बीएसएफ का सवाल सरकार एक विभाग के लिए होश उड़ाने वाला साबित हुआ है। दरअसल जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन मुख्यालय से बीएसएफ ने सवाल किया है कि उनके अधिकारी प्रत्येक माह पाकिस्तान क्यों जाते है। बीएसएफ ने आदेश की प्रति भी मांगी है जिसमें पाकिस्तान जाकर वहां के टिड्डी नियंत्रण विभाग से चर्चा करने की कोई अनुमति हो।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत के इस विभाग के पास केन्द्र सरकार की कोई ऐसी अनुमति नहीं है। जबकि बीते कई वर्षों से अधिकारियों का एक दल पाकिस्तान के खोखरापार जाकर इस विषय पर विचार व उपाय साझा करते है। वहीं अगले माह पाकिस्तान से वैज्ञानिक व अधिकारियों का दल भारत आता है और वे मुनाबाव में इस पर विचार साझा करते है।
वहीं बीएसएफ की ओर से अनुमति का पत्र मांगने के बाद अब टिड्डी नियंत्रण विभाग ने आनन फानन मे अपनी और से तैयार किया गया एक ड्राफ्ट बीएसएफ को सौंपा है। बीएसएफ ने विभाग के इस ड्राफ्ट को दिल्ली मुख्यालय भेजा है।
क्यों चल रहा है यह विभाग
टिड्डी अर्थात डेजर्ट लोकस्ट भारत व पाकिस्तान के रेगिस्तान के साथ अफ्रीक में भी पायी जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार भारत के मरु इलाकों में होने वाली फसलों को टिड्डी से खतरा जून से नवंबर के बीच रहता है। लेकिन जानकार बताते है वर्ष 1972 में जब टिड्डी नियंत्रण विभाग बनाया गया था उस वक्त इस कीट का खतरा अधिक रहता था।
लेकिन अब आधुनिक खेती के दौरान इस कीट का खतर बहुत कम हो गया है। इसलिए प्रत्येक माह अधिकारियों व वैज्ञनिकों का सीमा पार जाकर चर्चा करना बेकार है। बीएसएफ के ऐतराज जताए जाने के बाद जोधपुर स्थित टिड्डी नियंत्रण विभाग ने पुराने आदेश की कॉपी ढूंढना प्रारंभ कर दिया है।