उपचुनाव: सोशल इंजीनियरिंग के बूते चुनावी समर में उतरेगी भाजपा
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राजस्थान में लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेगी।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय और बाद में सीएम हाउस में हुए मंथन में इन सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई। प्रदेश भाजपा की ओर से भेजे जाने वाले पैनल पर अंतिम निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड में होगा। अलवर और अजमेर लोकसभा तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव 29 जनवरी को है। चुनाव कार्यक्रम जारी हो चुका है।
आज भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन किया। इस मंथन में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, केंद्रीय भाजपा नेता वी.सतीश, चंद्रशेखर आदि मौजूद थे। मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा यह चुनाव सोशल इंजीनियरिंग के बूते लड़ेगी। इसके तहत पिछले दिनों राजनीतिक घटनाओं को देखते हुए जातीय समीकरण बिठाए जा रहे हैं।
अजमेर में जाट नेता पर भरोसा
अजमेर लोकसभा सीट सांवरलाल जाट के निधन से खाली हुई है। मंथन के दौरान यहां से स्वर्गीय सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरुप लांबा का नाम प्रमुख रुप से सामने आया है।
दरअसल, भाजपा लांबा को टिकट देकर दो निशाने साधने की कोशिश कर रही हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि सांवरलाल जाट के निधन के बाद उनके परिवार के प्रति यहां सहानुभूति है। उनके परिवार से किसी सदस्य को टिकट देकर इस लहर का फायदा उठाया जा सकता है। दूसरे, इस बहाने जाट समाज को भी राजी किया जा सकेगा। यहां से बीपी सारस्वत समेत कुछ और नामों पर भी चर्चा की गई।
अलवर में यादव पर खेल सकती है दांव
अलवर में महंत चांदनाथ के निधन के कारण रिक्त हुई सीट पर भाजपा कुछ ज्यादा मशक्कत कर रही हैं। दरअसल, यहां से कांग्रेस ने डॉ. करण सिंह यादव को टिकट देने की घोषणा की है। ऐसे में भाजपा यहां से यादव कार्ड खेलती है तो जसवंत यादव को टिकट दे सकती है। जसवंत यादव के अतिरिक्त यहां से बालकनाथ और संजय शर्मा का भी नाम चल रहा है।
मांडलगढ़ में राजपूत कार्ड
मांडलगढ़ विधानसभा सीट कीर्तिकुमारी के निधन के कारण रिक्त हुई है। यहां से भाजपा राजपूत कार्ड पर मैदान में उतर सकती है। यहां से हर्षिता कुमारी और शक्तिसिंह का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही बद्री गुरुजी धाकड़ के नाम पर भी चर्चा की गई।