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ये कैसी रिपोर्ट! जो मरीज की जान ले सकती है
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:32 PM IST
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सैंट्रल लैब अलवर सामान्य चिकित्सालय
- फोटो : amar ujala
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मरीज बीमारी की जांच कराने जाते हैं तो उन्हें रिपोर्ट गलत मिल रही है। ऐसा यहां तीन दिन से हो रहा है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
मामला अलवर जिले के सबसे बड़े सामान्य चिकित्सालय का है। यहां बायोमेट्रिक मशीन कई दिनों से खराब है। इसके चलते यहां चिकित्सकीय जांच कराने वाले मरीजों को खमियाजा उठाना पड़ रहा है।गलत जांच आने के कारण मरीज परेशानी में हैं। जांच रिपोर्ट लेकर जब मरीज डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर भी उसी रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का परामर्श दे रहे हैं। लैब प्रभारी ने इन जांच रिपोर्ट को देखा तो गलत रिपोर्ट आने का मामला सामने आया।
लैब प्रभारी कांतिचंद स्वरूप का कहना है कि पिछले 3 दिनों से लैब में आने वाले सैंपलों की जांच गलत पाई गई है। जिसका प्रमुख कारण नई कंपनी को मेंटेनेंस का ठेका देना है। ये कंपनी मशीनों को ठीक प्रकार से सही नहीं करवा पा रही है। जबकि पहले इन मशीनों को प्रोडक्शन कंपनी रेनडॉग्स द्वारा मेंटेनेंस किया जाता था, लेकिन 6 माह पूर्व कंपनी ने केटीपीएल कंपनी को इसका ठेका दिया। इसके बाद सारी जांच प्रभावित हो रही है।
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ब्लड से लेकर यूरिन तक की जांचों में भारी गलती पाई गई है। ऐसे में अब लैब कर्मचारियों ने जांच रिपोर्ट को रोक दिया है। साथ ही, मांग की है कि जब तक मशीनों का सही देखरेख नहीं की जाएगी वे जांच नहीं करेंगे।
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मामला अलवर जिले के सबसे बड़े सामान्य चिकित्सालय का है। यहां बायोमेट्रिक मशीन कई दिनों से खराब है। इसके चलते यहां चिकित्सकीय जांच कराने वाले मरीजों को खमियाजा उठाना पड़ रहा है।गलत जांच आने के कारण मरीज परेशानी में हैं। जांच रिपोर्ट लेकर जब मरीज डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर भी उसी रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का परामर्श दे रहे हैं। लैब प्रभारी ने इन जांच रिपोर्ट को देखा तो गलत रिपोर्ट आने का मामला सामने आया।
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लैब प्रभारी कांतिचंद स्वरूप का कहना है कि पिछले 3 दिनों से लैब में आने वाले सैंपलों की जांच गलत पाई गई है। जिसका प्रमुख कारण नई कंपनी को मेंटेनेंस का ठेका देना है। ये कंपनी मशीनों को ठीक प्रकार से सही नहीं करवा पा रही है। जबकि पहले इन मशीनों को प्रोडक्शन कंपनी रेनडॉग्स द्वारा मेंटेनेंस किया जाता था, लेकिन 6 माह पूर्व कंपनी ने केटीपीएल कंपनी को इसका ठेका दिया। इसके बाद सारी जांच प्रभावित हो रही है।
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ब्लड से लेकर यूरिन तक की जांचों में भारी गलती पाई गई है। ऐसे में अब लैब कर्मचारियों ने जांच रिपोर्ट को रोक दिया है। साथ ही, मांग की है कि जब तक मशीनों का सही देखरेख नहीं की जाएगी वे जांच नहीं करेंगे।