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Bharat Jodo Yatra: राजस्थान में स्टे बढ़ा सकते हैं राहुल, जयपुर, अजमेर और भीलवाड़ा भी जुड़ेगा यात्रा में
Thu, 27 Oct 2022 01:30 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 27 Oct 2022 01:30 PM IST
सार
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में 7 दिसंबर को प्रवेश करेगी। 20 दिन में पांच जिले कवर करने हैं। अब इसे बढ़ाकर 40 दिन और दस जिलों तक ले जाने पर विचार शुरू हो गया है।
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कांग्रेसशासित राज्यों में उत्साह देखते ही बन रहा है। राजस्थान में तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में यात्रा की अवधि और जिले बढ़ाने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए राहुल गांधी की यात्रा में शामिल जिलों और दिनों को दोगुना करने पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिफारिश की है कि राहुल गांधी का राजस्थान में स्टे बढ़ाया जाए। राहुल सात दिसंबर को मध्यप्रदेश होकर राजस्थान में प्रवेश करेंगे। भवानी मंडी से प्रवेश लेकर वे झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, दौसा से अलवर होते हुए राजस्थान से बाहर निकल जाएंगे। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में 20 दिन रहेगी। गहलोत चाहते हैं कि राजस्थान के कोटा से चित्तौड़गढ़ होते हुए भीलवाड़ा, अजमेर और फिर जयपुर से यह यात्रा आगे बढ़े। इससे राहुल गांधी के कवर होने वाले जिले पांच से बढ़कर दस हो जाएंगे। साथ ही उनका स्टे भी 20 दिन बढ़कर 40 दिन हो जाएगा। यह पार्टी के लिए बहुत अच्छा हो सकता है। यात्रा को विस्तार देने की चर्चाओं से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखते ही बन रहा है। यह पहला अवसर होगा जब कोई राष्ट्रीय नेता इतने दिन राज्य में बिताएगा। यात्रा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह की स्फूर्ति होगी।
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पायलट-गहलोत में सुलह की कोशिश
राहुल गांधी की राजस्थान यात्रा के दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे में चल रही खींचतान को कम करने या खत्म करने के प्रयास होंगे। पूरी कोशिश यह होगी कि अगले साल चुनावों में पार्टी एकजुटता के साथ उतरे। राहुल जानते हैं कि गहलोत और पायलट दोनों की आवश्यकता होगी मिशन 2023 के लिए। युवाओं के वोट हासिल करने के लिए पार्टी में पायलट की सक्रियता बेहद जरूरी है। मौजूदा हालात में दो खेमों में बंटी कांग्रेस किसी भी लिहाज से संगठन के लिए अच्छी नहीं है।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिफारिश की है कि राहुल गांधी का राजस्थान में स्टे बढ़ाया जाए। राहुल सात दिसंबर को मध्यप्रदेश होकर राजस्थान में प्रवेश करेंगे। भवानी मंडी से प्रवेश लेकर वे झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, दौसा से अलवर होते हुए राजस्थान से बाहर निकल जाएंगे। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में 20 दिन रहेगी। गहलोत चाहते हैं कि राजस्थान के कोटा से चित्तौड़गढ़ होते हुए भीलवाड़ा, अजमेर और फिर जयपुर से यह यात्रा आगे बढ़े। इससे राहुल गांधी के कवर होने वाले जिले पांच से बढ़कर दस हो जाएंगे। साथ ही उनका स्टे भी 20 दिन बढ़कर 40 दिन हो जाएगा। यह पार्टी के लिए बहुत अच्छा हो सकता है। यात्रा को विस्तार देने की चर्चाओं से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखते ही बन रहा है। यह पहला अवसर होगा जब कोई राष्ट्रीय नेता इतने दिन राज्य में बिताएगा। यात्रा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह की स्फूर्ति होगी।
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पायलट-गहलोत में सुलह की कोशिश
राहुल गांधी की राजस्थान यात्रा के दौरान अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे में चल रही खींचतान को कम करने या खत्म करने के प्रयास होंगे। पूरी कोशिश यह होगी कि अगले साल चुनावों में पार्टी एकजुटता के साथ उतरे। राहुल जानते हैं कि गहलोत और पायलट दोनों की आवश्यकता होगी मिशन 2023 के लिए। युवाओं के वोट हासिल करने के लिए पार्टी में पायलट की सक्रियता बेहद जरूरी है। मौजूदा हालात में दो खेमों में बंटी कांग्रेस किसी भी लिहाज से संगठन के लिए अच्छी नहीं है।