{"_id":"5a859abd4f1c1bf07b8b76ab","slug":"bank-not-given-minimum-wage-now-highcourt-notice-issued","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूनतम वेतन देने की गुहार लेकर कोर्ट पहुंचा तो नौकरी से निकाला, ये है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूनतम वेतन देने की गुहार लेकर कोर्ट पहुंचा तो नौकरी से निकाला, ये है मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 15 Feb 2018 08:05 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने बैंक के सफाईकर्मी की ओर से न्यूनतम वेतन देने की गुहार करते हुए याचिका दायर करने पर उसे नौकरी से हटाने पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने पर पाबंदी लगाई है। न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश राजकुमार यादव की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता प्रदीप कलवालिया ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मनोहरपुर शाखा में एक नवंबर 2012 को दैनिक वेतनभोगी के तौर पर सफाईकर्मी लगा था। वर्ष 2017 में उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सफाईकर्मी का न्यूनतम वेतनमान देने की गुहार की। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में बैंक प्रशासन के समक्ष अपना अभ्यावेदन देने को कहा। याचिका में कहा गया कि जब याचिकाकर्ता ने बैंक प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश के साथ अपना अभ्यावेदन पेश किया तो उसे नौकरी से हटा दिया गया।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि अब उसके स्थान पर दूसरे व्यक्ति को संविदा पर लिया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने बैंक प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने पर पाबंदी लगाई है। न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश राजकुमार यादव की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
विज्ञापन
याचिका में अधिवक्ता प्रदीप कलवालिया ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मनोहरपुर शाखा में एक नवंबर 2012 को दैनिक वेतनभोगी के तौर पर सफाईकर्मी लगा था। वर्ष 2017 में उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सफाईकर्मी का न्यूनतम वेतनमान देने की गुहार की। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में बैंक प्रशासन के समक्ष अपना अभ्यावेदन देने को कहा। याचिका में कहा गया कि जब याचिकाकर्ता ने बैंक प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश के साथ अपना अभ्यावेदन पेश किया तो उसे नौकरी से हटा दिया गया।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि अब उसके स्थान पर दूसरे व्यक्ति को संविदा पर लिया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने बैंक प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है।