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शादी में जरूर आना, 'आयुष्मती 33 मांग' संग 'आयुष्मान सरकारी डॉक्टर'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:51 PM IST
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सेवारत चिकित्सकों द्वारा अपनी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर छपवाया गया कार्ड
- फोटो : Amar Ujala
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शादी के क्रिएटिव इनविटेशन कार्ड्स तो आपने देखे होंगे, लेकिन शादी कार्ड से विरोध दर्ज कराने के अनूठे तरीके बारे में शायद ही सुना होगा। राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों ने सरकार का विरोध करने के लिए एकदम अनूठा तरीका अपनाया है।
विभिन्न मांगों को लेकर सेवारत चिकित्सक महासम्मेलन का आयोजन जयपुर में किया जा रहा है। जयपुर के जेएमए सभागार आयोजित होने वाले महासम्मेलन के इनविटेशन के अनूठा कार्ड छपवाया गया है। यह कार्ड को किसी शादी के निमंत्रण पत्र की भांति छपवाया गया है जिसमें चिकित्सकों ने अपनी 33 मांगों को वधू के रूप में पेश किया है वहीं चिकित्सकों ने अपने आप को वर बताया।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर अजय चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा लंबे समय से सरकार से मांगी जा रही 33 जिलों की 33 सूत्रीय मांगे हमारी वधू है जिसे वो सरकार के आशिर्वाद से ही पा सकते हैं। मगर सरकार का रवैया सेवारत डॉक्टरों के खिलाफ काफी नकारात्मक दिखाई पड़ रहा है। ऐसे में हम अपनी मांगों को इस ढंग से रखना चाहते थे।
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विभिन्न मांगों को लेकर सेवारत चिकित्सक महासम्मेलन का आयोजन जयपुर में किया जा रहा है। जयपुर के जेएमए सभागार आयोजित होने वाले महासम्मेलन के इनविटेशन के अनूठा कार्ड छपवाया गया है। यह कार्ड को किसी शादी के निमंत्रण पत्र की भांति छपवाया गया है जिसमें चिकित्सकों ने अपनी 33 मांगों को वधू के रूप में पेश किया है वहीं चिकित्सकों ने अपने आप को वर बताया।
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अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर अजय चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा लंबे समय से सरकार से मांगी जा रही 33 जिलों की 33 सूत्रीय मांगे हमारी वधू है जिसे वो सरकार के आशिर्वाद से ही पा सकते हैं। मगर सरकार का रवैया सेवारत डॉक्टरों के खिलाफ काफी नकारात्मक दिखाई पड़ रहा है। ऐसे में हम अपनी मांगों को इस ढंग से रखना चाहते थे।
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10 हजार सेवारत चिकित्सक सौपेंगे सामूहिक इस्तीफा
आंदोलनरत सेवारत चिकित्सक
- फोटो : Amar Ujala
महासम्मलेन में राजस्थान के सभी जिलों के सेवारत चिकित्सक भाग लेंगे और चिकित्सक संघ को 33 जिलों से आए करीब 10 हजार सेवारत चिकित्सक अपना सामूहिक इस्तीफा सौपेंगे। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी तो 6 नवम्बर से सेवारत चिकित्सकों के सामूहिक इस्तीफे प्रभावी होगे। इसके साथ ही सेवारत चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर भी चले जाएंगे।
गौरतलब है कि सेवारत चिकितसकों का प्रदेश में दो अक्टूबर से असहयोग आंदोलन चल रहा है। इसी के तहत 16 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर सेवारत चिकित्सकों ने धरना देकर विरोध जताया था वहीं अब तक चिकित्सकों ने अपने कई बार कार्य बहिष्कार भी किया है।
गौरतलब है कि सेवारत चिकितसकों का प्रदेश में दो अक्टूबर से असहयोग आंदोलन चल रहा है। इसी के तहत 16 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर सेवारत चिकित्सकों ने धरना देकर विरोध जताया था वहीं अब तक चिकित्सकों ने अपने कई बार कार्य बहिष्कार भी किया है।