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आरोपी बरी, जांच अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 27 Jun 2017 08:09 PM IST
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अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-15 ने पांच साल पूर्व श्याम नगर थाना इलाके में दस लाख रुपए की डकैती डालने के मामले में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की कॉपी डीजीपी को भेजते हुए जांच में लापरवाही बरतने वाले अनुसंधान अधिकारी हरीसिंह के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजकुमार लालवानी ने बताया कि 20 अक्टूबर 2012 को श्यामनगर थाना इलाके में हुई डकैती की घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। घटना की रोजनामचे में रपट भी डाली गई थी, लेकिन एफआईआर दूसरे दिन दर्ज की गई। इसके अलावा छीने गए दस लाख रुपए के संबंध में भी कोई साक्ष्य एकत्रित नहीं किए गए। वहीं बाद में पुलिस ने उपेन्द्रसिंह शेखावत, अनूप जाट, विनोद शर्मा, परविन्दर मीणा और सुल्तान सैनी को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि जांच अधिकारी ने आरोपियों को न तो बापर्दा रखकर शिनाख्त परेड करवाई और न ही छीने गए रुपए के संबंध में कोई जांच की। इस पर अदालत ने पांचों आरोपियों को बरी करते हुए जांच अधिकारी पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश की कॉपी भेजी है।
मामले के अनुसार 21 अक्टूबर 2012 को प्रभू दयाल ने श्यामनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह व्यवसायी विष्णु माहेश्वरी के यहां नौकरी करता है। घटना के दिन वह अशोक नामक व्यक्ति से दस लाख रुपए का भुगतान लेकर आ रहा था। श्यामनगर स्थित लक्ष्मण कॉलोनी में दो व्यक्तियों ने अपना दुपहिया आगे लगाकर उसकी एक्टिवा रोक ली और पीछे से मोटर साईकिल पर सवार दो लोगों ने आकर उससे मारपीट की और रुपए का लेकर भाग गए।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजकुमार लालवानी ने बताया कि 20 अक्टूबर 2012 को श्यामनगर थाना इलाके में हुई डकैती की घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। घटना की रोजनामचे में रपट भी डाली गई थी, लेकिन एफआईआर दूसरे दिन दर्ज की गई। इसके अलावा छीने गए दस लाख रुपए के संबंध में भी कोई साक्ष्य एकत्रित नहीं किए गए। वहीं बाद में पुलिस ने उपेन्द्रसिंह शेखावत, अनूप जाट, विनोद शर्मा, परविन्दर मीणा और सुल्तान सैनी को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि जांच अधिकारी ने आरोपियों को न तो बापर्दा रखकर शिनाख्त परेड करवाई और न ही छीने गए रुपए के संबंध में कोई जांच की। इस पर अदालत ने पांचों आरोपियों को बरी करते हुए जांच अधिकारी पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश की कॉपी भेजी है।
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मामले के अनुसार 21 अक्टूबर 2012 को प्रभू दयाल ने श्यामनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह व्यवसायी विष्णु माहेश्वरी के यहां नौकरी करता है। घटना के दिन वह अशोक नामक व्यक्ति से दस लाख रुपए का भुगतान लेकर आ रहा था। श्यामनगर स्थित लक्ष्मण कॉलोनी में दो व्यक्तियों ने अपना दुपहिया आगे लगाकर उसकी एक्टिवा रोक ली और पीछे से मोटर साईकिल पर सवार दो लोगों ने आकर उससे मारपीट की और रुपए का लेकर भाग गए।
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