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शेख हसीना की हत्या का प्रयास, दोषी 10 आतंकियों को सजा-ए-मौत
amarujala.com-presented by: आनंद
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:15 AM IST
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साल 2000 में प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या का प्रयास करने वाले 10 आतंकियों को बांग्लादेश की अदालत ने मौत की सजा जबकि नौ अन्य को 20 साल की सजा सुनाई है।
दरअसल साल 2000 में दोषियों ने हसीना को मारने की साजिश रची थी। उन्होंने हसीना के पैतृक गांव गोपालगंज के एक खुले मैदान में अत उच्च-क्षमता के विस्फोटक उपकरण रख दिए थे जहां वह एक जनसभा को संबोधित करने वाली थीं।
हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने रैली से पहले विस्फोटक का पता लगा लिया था। जांच के बाद पता चला कि इस मामले में हरकतुल जिहाद-ए-इस्लामी बांग्लादेश (हुजी) का प्रमुख मुफ्ती हन्नान मुख्य साजिशकर्ता है। हालांकि इस साल के शुरूआत में ही उसे बांग्लादेशी मूल के ब्रिटेश उच्चायुक्त के हत्या के प्रयास में शामिल होने के आरोप में फांसी की सजा सुना दी गई थी।
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स्पेशल पावर एक्ट के इस मामले में 25 लोगों को दोषी ठहराया गया। इसमें से नौ लोगों को 20 साल कारावास और 20 हजार टका का जुर्माने की सजा दी गई है वहीं चार को बरी कर दिया गया। ढाका के स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल-2 के न्यायाधीश ने कहा कि मौत की सजा पाए दोषियों को उच्च न्यायालय के आदेश से या तो फांसी दे दी जाए या गोली मार दी जाए।
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दरअसल साल 2000 में दोषियों ने हसीना को मारने की साजिश रची थी। उन्होंने हसीना के पैतृक गांव गोपालगंज के एक खुले मैदान में अत उच्च-क्षमता के विस्फोटक उपकरण रख दिए थे जहां वह एक जनसभा को संबोधित करने वाली थीं।
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हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने रैली से पहले विस्फोटक का पता लगा लिया था। जांच के बाद पता चला कि इस मामले में हरकतुल जिहाद-ए-इस्लामी बांग्लादेश (हुजी) का प्रमुख मुफ्ती हन्नान मुख्य साजिशकर्ता है। हालांकि इस साल के शुरूआत में ही उसे बांग्लादेशी मूल के ब्रिटेश उच्चायुक्त के हत्या के प्रयास में शामिल होने के आरोप में फांसी की सजा सुना दी गई थी।
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स्पेशल पावर एक्ट के इस मामले में 25 लोगों को दोषी ठहराया गया। इसमें से नौ लोगों को 20 साल कारावास और 20 हजार टका का जुर्माने की सजा दी गई है वहीं चार को बरी कर दिया गया। ढाका के स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल-2 के न्यायाधीश ने कहा कि मौत की सजा पाए दोषियों को उच्च न्यायालय के आदेश से या तो फांसी दे दी जाए या गोली मार दी जाए।